बीइओ पर जांच का आदेश

सीतामढ़ी : पुपरी बीइओ के एक तुगलकी फरमान की जांच होगी. जांच में मामला सच साबित होने पर विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. उनके आदेश की खबर मिलने पर आरडीडीइ ने डीइओ को जांच का आदेश दिया है. 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गयी है. क्या है पूरा मामला पुपरी प्रखंड […]

सीतामढ़ी : पुपरी बीइओ के एक तुगलकी फरमान की जांच होगी. जांच में मामला सच साबित होने पर विभाग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है. उनके आदेश की खबर मिलने पर आरडीडीइ ने डीइओ को जांच का आदेश दिया है. 15 दिन के अंदर जांच रिपोर्ट मांगी गयी है.

क्या है पूरा मामला
पुपरी प्रखंड के मध्य विद्यालय, रामपुर पचासी के प्रभारी प्रधान शिक्षक रामचंद्र सिंह हैं. उन्होंने स्थानीय बीइओ की शिकायत आरडीडीइ से की है. बताया है कि वे उक्त स्कूल में वर्ष 2007 से ही पदस्थापित है. कुल सात शिक्षक हैं, जिसमें सबसे वरीय शिक्षक वे हैं. विद्यालय शिक्षा समिति व शिक्षकों की सहमति पत्र के आधार पर तत्कालीन बीइओ ने उन्हें स्कूल के संपूर्ण प्रभार ग्रहण करने का आदेश दिया था.
बाद में डीपीओ स्थापना ने तत्कालीन बीइओ के उक्त आदेश को निरस्त कर दिया और उनसे कनीय शिक्षक रत्नेश्वर पासवान को संपूर्ण प्रभार ग्रहण करने का आदेश दिया. डीपीओ के आदेश पर बीइओ ने 21 जून 14 को एक पत्र निर्गत कर रामचंद्र सिंह को विद्यालय संचालन व बगल के मध्य विद्यालय विक्रमपुर के प्रभारी प्रधान शिक्षक योगेंद्र पासवान को वित्तीय प्रभार सौंपने का आदेश दिया.
पुन:बीइओ द्वारा छह अक्तूबर 15 को पत्र जारी कर स्कूल का पूरा प्रभार शिक्षक रत्नेश्वर पासवान को सौंपने का आदेश दिया गया. वरीय शिक्षक श्री सिंह यह समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके साथ विभागीय अधिकारी द्वारा इस तरह का मजाक क्यों किया जा रहा है. सरकारी नियमों को ताक पर रख कर अधिकारी क्यों एक कनीय शिक्षक को प्रधान बना रहे हैं,
यह बात समझ से परे होने पर वे मजबूर होकर सीधे आरडीडीइ के पास गये हैं. वह दिन दूर नहीं जब जांच के बाद दोषी अधिकारी बेनकाब होने के साथ ही उनके खेल का भी खुलासा हो जायेगा.

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