चावल के अभाव में एक माह से एमडीएम बंद

चावल के अभाव में एक माह से एमडीएम बंदफोटो नंबर- 1 प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोल, 2 टूटा हुआ चूल्हा प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोल का हाल बोखड़ा . प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में किसी न किसी बहाने अक्सर एमडीएम ठप रहता है. जानकारों का कहना है कि यह स्थिति एमडीएम प्रभारी के चलते पैदा होती […]

चावल के अभाव में एक माह से एमडीएम बंदफोटो नंबर- 1 प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोल, 2 टूटा हुआ चूल्हा प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोल का हाल बोखड़ा . प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में किसी न किसी बहाने अक्सर एमडीएम ठप रहता है. जानकारों का कहना है कि यह स्थिति एमडीएम प्रभारी के चलते पैदा होती है. यही कारण है कि विद्यालयों में बच्चों की संख्या कम हो जाती है पर एमडीएम पंजी में बच्चों की संख्या कम नहीं होती है. कहीं इस बीच अधिकारियों का निरीक्षण हो गया तो उनकी बात नहीं भी बनती है. पर अगर निरीक्षण नहीं हुआ तो एमडीएम प्रभारी के साथ-साथ स्कूल प्रबंधन के लिए भी सुखद होता है. स्थानीय लोगों की शिकायत पर प्रभात खबर की टीम ने बुधवार को प्राथमिक विद्यालय मुसहरी टोल का हाल जानने पहुंची. पता चला कि 10 अक्तूबर से चावल के अभाव में यहां एमडीएम बंद है. इस बाबत प्रधान शिक्षक राजदेव राम ने बताया कि यहां 243 बच्चे नामांकित है. एमडीएम बंद होने पर बच्चों की संख्या निश्चित रूप से कम हो जाती है. उपस्थिति पंजी में 76 बच्चों की हाजिरी बनी हुई थी. बताया कि चावल के अभाव में एमडीएम बंद है. एमडीएम प्रभारी आज-कल का आश्वासन दे रहे हैं. लेकिन विद्यालय में अब तक चावल नहीं पहुंच सका है. चावल आने पर ही एमडीएम शुरू करा दिया जायेगा. कहते हैं अधिकारी बीइओ रामवृक्ष सिंह ने बताया कि स्कूल में बच्चों को भूखे रखना अपराध की श्रेणी में आता है. अगर चावल के अभाव में एमडीएम बंद है तो इसके लिए एमडीएम प्रभारी जिम्मेवार हैं. मामले की जांच कराएंगे व शीघ्र ही आगे की कार्रवाई की जायेगी.

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