सीतामढ़ी : प्रकाश का त्योहार दीपावली के समीप आते ही लोग तैयारी में जुट गये हैं. व्यवसायी वर्ग अपने दुकानों को सजाने में जुटे हुए हैं. वही स्कूली बच्चे प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने के लिए कृतसंकल्पित हैं. त्योहार के प्रति बच्चों की विचार जानने के लिए प्रभात खबर की टीम बुधवार को पुनौराधाम ललितनगर स्थित एमजीएम पब्लिक स्कूल के बच्चों से बातचीत की.
पेश हैं उनके बातचीत के कुछ प्रमुख अंश. वर्ग आठ के अंकित, प्रिंस व आयुष्मति वर्मा : दीप का पर्व मनाने के लिए बच्चों में उत्साह देखा जा रहा है. बच्चों का कहना है कि पटाखे फोड़ने एवं दीपक में केरोसिन का प्रयोग करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, जिसका प्रभाव मानव जीवन पर पड़ता है.
इन बातों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष से वे प्रदूषण मुक्त दीपावली का त्योहार मनायेंगे. पटाखे व केरोसिन का प्रयोग नहीं करेंगे. वर्ग सात के रौनक, शिवम, मो फैज, सौम्या, अंजली, वरुण व तनु : दीपावली दीप का त्योहार हैं. इस त्योहार में हम सभी अंधकार को मिटा कर प्रकाश फैलाने के लिए दीप माला से अपने घरों को सजाते हैं.
घर व आसपास की गंदगी को साफ करते हैं. साथ ही त्योहार के अवसर पर हमें मन की गंदगी व समाज में फैले बुराई कुरीतियों को दूर करने का संकल्प लेने का त्योहार होता है. खास कर वातावरण व दिन प्रदूषित होता जा रहा है. इसको ध्यान में रखते हुए हम बच्चे पटाखे व बारूद से बने सामग्रियों का प्रयोग नहीं करेंगे. अपने दोस्तों के बीच मिठाइयां बाटेंगे और खुशी मनायेंगे.
वर्ग छह का सौरभ, सजना व सोनी : दीवाली सुख-समृद्धि लाने वाला त्योहार है. इस दिन हम सभी अपने घर में भगवान गणेश व लक्ष्मी की पूजा करेंगे. घर व आसपास की साफ-सफाई करेंगे. इसके अलावा पटाखे व केरोसिन का प्रयोग नहीं करेंगे.
पर्यावरण की रक्षा के लिए पौधरोपण करेंगे और पड़ोस के बच्चों में मिठाइ बांट कर खुशियां मनायेंगे. वर्ग पांच के राजकुमार, रौनिक, संजना, प्रिया : दीपावली पर घरों काे सजाया जाता है. लोग दीप में केरोसिन का प्रयोग करते हैं, खास कर बच्चे पटाखे, फुलझड़ी आदि का प्रयोग कर खुशियां मनाते हैं लेकिन इससे निकलने वाला गैस पर्यावरण को प्रदूषित करता है और लोग बीमार पड़ने लगते हैं. यह सब जानने के बाद हम बच्चे प्रदूषण मुक्त दीपावली मनाने का निर्णय किया है.
इसमें खर्च होने वाले पैसों से मिठाइयां बाटेंगे और खुशी मनायेंगे. वर्ग चार की पारुल, सान्या व सुधांशु : जब पटाखे फोड़ने व केरोसिन के प्रयोग से पर्यावरण प्रदूषित होता है तो हम ऐसा क्यों करे? इस वर्ष से हम प्रदूषण मुक्त दीपावली मनायेंगे. इस दिन नये कपड़े पहन कर भगवान गणेश व लक्ष्मी की पूजा करेंगे और मिठाइयां बांट कर खुशी मनायेंगे.
इससे पूर्व घर व आसपास की सफाई करेंगे. पर्यावरण की रक्षा का संकल्प स्कूल के निदेशक सोहन कुमार ओझा व सचिव राघव बाजोरिया ने बच्चों के साथ-साथ जिलावासियों से प्रदूषण मुक्त दीवाली मनाने का संकल्प लेने की अपील की है. कहा है कि हम सभी जानते हैं कि कोई भी त्योहार खुशी मनाने के लिए मनाया जाता है.
दीपावली में लोग अक्सर अधिक से अधिक पटाखे फोड़ना व जुआ खेलना पसंद करते हैं जो समाज के लिए घातक है. इससे हमें बचना चाहिए. साथ ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में शांति व खुशी पूर्वक त्योहार का आनंद लेना चाहिए.
