रमजान में हर घड़ी बरसती है रहमतें

सीतामढ़ी : मुसलमान भाइयों का बरकतों का महीना रमजान शुरू हो गया है. इस माह में मुसलमान भाई अपने आप को बुरे कामों से बचाते हुए ज्यादा से ज्यादा नेकी बटोरने के लिए हर वो काम करते है, जिससे अल्लाह को खुश व रजामंद किया जा सके. रोजा ऐसी इबादत है जो हर नबियों के […]

सीतामढ़ी : मुसलमान भाइयों का बरकतों का महीना रमजान शुरू हो गया है. इस माह में मुसलमान भाई अपने आप को बुरे कामों से बचाते हुए ज्यादा से ज्यादा नेकी बटोरने के लिए हर वो काम करते है, जिससे अल्लाह को खुश व रजामंद किया जा सके. रोजा ऐसी इबादत है जो हर नबियों के जमाने में उनकी उम्मत पर फर्ज किया गया था. अल्लाह के रसुल करीम सल्लाहो व अल्लेह सल्लम ने फरमाया कि जब तुम रोजा रखो तो आवश्यक है कि अपनी आंख, जुबान व शरीर के सारे अंगों को अल्लाह को नापसंदगी बातों से बचा कर रखो. रमजान माह में हर घड़ी रहमत बरसती है तो वही नेकी को 70 गुणा बढ़ा दिया जाता है. इतनी उमस भरी गर्मी के बावजूद छोटे-छोटे बच्चे रोजा रखे हुए है. रमजान के महत्व पर महत्व पर प्रभात खबर ने कुछ छोटे-छोटे बच्चों से बात की. तौहिद नाज : अल्लाह को खुश करने और अपनी गुनाहों की माफी मांगने का इससे अच्छा महीना और कोई नहीं है. हमें बुरे कामों से बचना चाहिए. रौशनी कलाम : रमजानुल मुबारक का महीना बरकत का महीना है. इस माह में हमें ज्यादा से ज्यादा इबादत करनी चाहिए. नवाफिल व कुरान की तिलावत करनी चाहिए. मारुफ रेजा : इस माह में अल्लाह का ज्यादा से ज्यादा जिक्र करनी चाहिए. रोजदारों के साथ हमें अदब से पेश आना चाहिए. अपनी गुनाहों की माफी मांगनी चाहिए. नेहा परवीन : हमें इस मुबारक माह में किसी के साथ बदसलूकी नहीं करनी चाहिए. बुर कामों से अपने आपकों बचाना चाहिए. निशा परवीन : गर्मी के बावजूद हमें रोजा का खास एहतमाम करनी चाहिए. इससे हमें हिम्मत मिलती है और हम रोजा को पूरा करते है.

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