बागमती के कहर से 40 परिवारों का गांव से पलायन

सुप्पी प्रखंड के जमला गांव के लिए एक तरह से बागमती नदी अभिशाप बन गया हुआ है. यह नदी गांव को कहीं का भी नहीं छोड़ी है.

सीतामढ़ी. सुप्पी प्रखंड के जमला गांव के लिए एक तरह से बागमती नदी अभिशाप बन गया हुआ है. यह नदी गांव को कहीं का भी नहीं छोड़ी है. बागमती नदी का कहर प्रतिवर्ष ग्रामीण झेलते रहे है. तबाही झेलना ग्रामीणों की मजबूरी बन गई है. बागमती की तबाही ग्रामीण इस बार भी झेल रहे है. आलम यह है कि नदी के कटाव के चलते ग्रामीण घर छोड़कर पलायन कर रहे है. लोग ट्रैक्टर समेत अन्य साधनों से सामान दूसरे जगह ले जा रहे है और घरों को खाली कर रहे है.

— जमला गांव के वार्ड- दो का हाल

तबाही का यह हाल जमला गांव के वार्ड नंबर- 2 का है. यह गांव बड़हरवा पंचायत में पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. वहीं, कटाव भी तेजी से जारी है. नदी गांव की ओर रूख कर चुकी है और कटाव कर रही है. नदी कटाव करते हुए गांव के समीप पहुंच चुकी है. इसके चलते लोग भयाक्रांत है. इस हद तक कि तेजी से घरों को खाली कर रहे है. ग्रामीण विकास यादव ने बताया कि लोग घर से पूरा सामान लेकर बड़हरवा, परसा व ढ़ेंग इत्यादि गांवों में अपने रिश्तेदारों व शुभचिंतकों के यहां रह रहे है.

— इन लोगों ने कर दिया घर खाली

यादव ने बताया कि घर खाली करने वालों में कैलाश राय, लालबाबू राय, इंद्रजीत राय, रामगेनी महतो, शत्रुघ्न राय, अनिरूद्ध राय, सिकंदर महतो, हरिशंकर महतो, नवल किशोर महतो, जागेश्वर राय, नागेश्वर राय, किशोरी राय, छोटेलाल राय, मरू राय, सुखाड़ी राय, सुरेंद्र राय व चैत दास समेत 40 परिवार शामिल है. यादव ने बताया कि कटाव निरोधी कार्य पांच दिनों से बंद है. पुनौरा धाम पर मंदिर निर्माण शिलान्यास कार्यक्रम के चलते कटाव रोकने का काम बंद है.

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Author: VINAY PANDEY

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