थोक व खुदरा दवा विक्रेताओं की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू
एसोसिएशन के अध्यक्ष के नेतृत्व में विक्रेताओंने किया धरना-प्रदर्शन
सीतामढ़ी : बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन के आह्वान पर दवा विक्रेताओं द्वारा आयोजित तीन दिवसीय हड़ताल के प्रथम दिन बुधवार को मरीजों व उनके परिजन को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. मरीज व उनके परिजन को आवश्यक दवाइयों को लेकर भटकना पड़ा. हालांकि आपात स्थिति को देखते हुए शहर में सदर अस्पताल के सामने शबनम मेडिकल हॉल, नंदीपत हॉस्पीटल कैंपस स्थित नंदीपत मेडिकल हॉल एवं डुमरा रोड नवजीवन नर्सिंग होम स्थित ओम मेडिकल स्टोर्स को खुला रखा गया था . तीनों दुकानों पर मरीजों की भारी भीड़ रही. हड़ताल की वजह से शहर की तमाम थोक व खुदरा दवा दुकानें बंद रही. शहर के प्रमुख दवा मंडी सेंट्रल मार्केट व नेशनल मार्केट में सन्नाटा पसरा रहा.
आंदोलित दवा विक्रेताओं ने नेशनल मार्केट में धरना देकर मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. इसकी अध्यक्षता जिला दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह कर रहे थे. श्री सिंह ने बताया कि 12 जनवरी को राज्य एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यकारिणी की बैठक में औषधि नियंत्रण प्रशासक के द्वारा खुदरा दवा व्यवसायियों को फार्मासिस्ट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के नाम पर एवं अन्य व्यवसायियों को छोटे-छोटे तकनीकी कारणों से किये जा रहे उत्पीड़न एवं शोषण के विरोध में बंद का निर्णय लिया गया है.
एक जुलाई 2019 को भी हमलोगों ने इन समस्याओं के ऊपर जिला के दवा व्यवसायियों के ऊपर हो रहे विभागीय उत्पीड़न को रोकथाम के लिए डीएम को लिखित रुप से ज्ञापन भी सौंपा गया था. एसोसिएशन की ओर से सात सूत्री मांग की गयी है. धरना-प्रदर्शन में सचिव राजकुमार के अलावा सुरेश सिकारिया, रासनारायण प्रसाद, मनोज मित्तल, छेदीलाल अग्रवाल, राजू श्रीवास्तव, प्रकाश सरावगी, दीपक कुमार, अरुण कुमार, पप्पू कुमार, अमित सिंह, गोपाल अग्रवाल, दुर्गेश कुमार, अजय नंदन झा, विजय अग्रवाल, राजू खेमका समेत कई दवा विक्रेता शामिल थे.
सदर अस्पताल में मरीजों की बढ़ी संख्या, ओपीडी में भीड़ : दवा विक्रेताओं की हड़ताल का असर शहर के निजी क्लिनिक व नर्सिंग होम पर भी पड़ रहा है. पहले दिन ही दवा की दुकानें बंद रहने से कई क्लिनिक के शटर भी डाउन हीं रहे. क्लिनिक बंद रहने से सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया. प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को सदर अस्पताल के ओपीडी में जहां 157 पुरुष व 126 महिला मरीज का निबंधन था, वहीं आज यह आंकड़ा क्रमश: 180 व 156 रही.
हालांकि सदर अस्पताल के दवा काउंटर पर भी मरीज व परिजन की भीड़ दवाइयों के लिए कतारबद्ध थी, लेकिन कई जरूरी दवाइयां नहीं मिलने से लोग परेशान थे. सुबह 11 बजे के करीब दवा दुकान पर नेपाल के हाथीलेट शहर से आये श्रीराम यादव ने बताया कि वह अपना इलाज सीतामढ़ी में करवा रहे हैं. आज चिकित्सक द्बारा बुलाया गया था. आज तक का ही दवा मेरे पास मौजूद था.
पूरे शहर में घुमकर आ गये दवा नहीं मिल रही. पुपरी प्रखंड के स्थानीय निवासी चंद्रिका राय ने कहा कि पत्नी के दवा के लिए सुबह से घुम रहे हैं, परंतु दवा मिल नहीं रही. जानकी स्थान निवासी राकेश कुमार झा ने कहा कि ब्लडप्रेशर का दवा प्रत्येक दिन खाना रहता है, परंतु जानकारी के अभाव में मंगलवार को दवा नहीं ले सका. आज खुली हुई तीनों दुकान में जाकर पता किया तो पता चला कि मेरे जरुरत की दवा उपलब्ध नहीं है. मजबूरी में दूसरी दवा खानी पड़ी.
बैरगनिया. बिहार केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोशियसन द्वारा आहुत तीन दिवसीय बंद के प्रथम दिन दिन नगर की दवा दुकाने बंद रही. बंद समर्थकों द्वारा आपातकालीन सेवा के लिए नगर के काली मंदिर चौक के पास एक मात्र दवा दुकान महावीर मेडिकल हॉल को खोल कर रखा गया था. जहां दिन भर ग्राहकों की भीड़ लगी रही. वहीं, स्थानीय सीएचसी में इलाज कराने आये मरीजो को बाहर की दवाइयां नही मिली.
क्योंकि सीएचसी के समीप एक भी दवा दुकान नहीं खुली थी. सीएचसी में इलाज कराने आयी जोरियाही के नजमा बेगम, पताही के रानी देवी, जमुआ के मनोज साह व मसहा आलम के सुरेंद्र यादव ने बताया कि दुकानें बंद रहने से वे लोग सीमा पार नेपाल के गौर में दवा खरीदने जा रहे है. उधर एसोसिएशन के सदस्यों ने अस्पताल रोड स्थित माला मेडिसन दुकान के सामने बैठ कर धरना दिया. मौके पर एसोसिएशन के प्रखंड अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद, सचिव प्रो रणजीत कुमार गुप्ता, कोषाध्यक्ष रामजी प्रसाद राजगढ़िया, उपाध्यक्ष राकेश कुमार बबलू, मनोज कुमार, संजय प्रसाद, परमेश्वर प्रसाद समेत अन्य मौजूद थे.
