सीतामढ़ी/बैरगनिया : शिवहर व पूर्वी चंपारण जिले से सटे बागमती दियारा के गांव में भाकपा माओवादियों द्वारा संगठन की मजबूती व विस्तार को लेकर फिर से कवायद तेज कर दी गयी है.
खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नक्सलियों की बैठक सीमावर्ती बैरगनिया थाना क्षेत्र के दुर्गम इलाके में स्थित पिपराही सुल्तान व मधु छपरा गांव में एक सप्ताह पूर्व आयोजित की गयी है. जिसमे भाकपा माओवादियों के साथ-साथ सीमा से सटे नेपाल के माओवादियों ने भी हिस्सा लिया. बताया जा रहा है कि उक्त बैठक में गया, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण के साथ-साथ झारखंड के भी नक्सली नेता शामिल हुए थे.
बैठक में शामिल नक्सलियों के एरिया व जोनल कमांडर ने युवाओं को संगठन में शामिल होने के लिये प्रेरित किया. बैठक में नक्सली नेताओं ने समाज में गरीबों के साथ हो रहे शोषण व पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई पर विस्तार से चर्चा की गयी व उपस्थित कार्यकर्ताओं के बीच नक्सली साहित्य का भी वितरण किया गया.
तत्कालीन अख्ता ओपी पर हुआ था नक्सली हमला
इससे पूर्व भी वर्ष 2003 में तत्कालीन अख्ता ओपी पर नक्सलियों ने हमला कर पुलिस जवानों से रायफल लूटी थी. बागमती व लालबकेया नदी के दोआब में बसे इन दोनों गांव को नक्सलियों के लिये सुरक्षित ठिकाना माना जाता है. नदी के दियारा में बसे इस इलाके में पुलिस गश्ती भी नहीं जा पाती है. ऐसे में नक्सलियों की गति विधि से पुलिस प्रशासन अवगत नहीं हो पाती है. आलम यह है कि अगर पिपराही सुल्तान व मधु छपरा में पुलिस को गिरफ्तारी अथवा कुर्की की कार्रवाई के लिये जाने के लिये भी सौ बार सोचना पड़ता है.
