हवा में भी आग जैसी गर्मी
सीतामढ़ी : मॉनसून आने में हो रही देरी के चलते शरीर को झुलसा देने वाले सूरज की तपिश एवं बेचैन कर देने वाली गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है.
वह तो गनीमत है कि लोगों को कम से कम 20 घंटे बिजली मिल जा रही है, वरना ऐसी गर्मी में दिन और रात गुजारना काला पानी की सजा की तरह होता. हालांकि, इस भीषण गरमी के बीच कभी-कभी आसमान में बादलों की आवाजाही देखने को मिलता है.
आसमान में बादलों का डेरा देखकर बारिश होने तथा तापमान कम होने की उम्मीदें बंधती है, लेकिन पुन: निराशा मिलती है. धूप में इतनी गर्मी देखने को मिल रहा है कि घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है. सुबह नींद से जगने के साथ ही लोगों को गर्मी बेचैन करने लगती है.
इस भीषण गरमी ने सबसे अधिक परेशान कामकाजी लोगों को कर रखी है. सुबह 10 बजे के बाद घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है. सड़कों पर शाम तक के लिए सन्नाटा पसर जा रहा है. कामकाजी लोग घरों से निकल जरूर रहे हैं, लेकिन पूरी व्यवस्था के साथ. प्रतिदिन कम से कम छह घंटे के लिए सड़कों पर कर्फ्यू जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं. जिला कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की मानें तो मॉनसून में और देरी की आशंका है, क्योंकि अभी तक केरल में भी मॉनसून ने दस्तक नहीं दी है.
इससे आशंका जतायी जा रही है कि लोगों को गर्मी से कुछ और दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. जिले का तापमान पिछले करीब एक पखवाड़े से लगातार 36 से 40 डिग्री तक दर्ज किया जा रहा है. तापमान से यह अनुभव लगाना मुश्किल नहीं कि जिले के लोग गर्मी से कितने परेशान हैं. हवाओं में भी ऐसी गरमी देखने को मिल रही है, जैसे कहीं आग लगी हो और हवा के माध्यम से उसका ताप लोगों के शरीर को झुलसा रही हो. बेचैन कर देने वाली इस भीषण गर्मी से मनुष्य क्या, पशु-पक्षी व पालतू जानवर भी परेशान है.
