बैरगनिया : नगर पंचायत में कचरा अवशिष्ट के निस्तारण के नाम पर सरकारी भूमि प्राप्त करने की बजाय करीब ढाई से तीन एकड़ जमीन की खरीदारी को लेकर निविदा प्राप्त करने का मामला सामने आया है.
मामले में 15 वार्ड पार्षदों ने सवाल उठाते हुए कार्यपालक पदाधिकारी शशि भूषण मिश्र समेत अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर निविदा को रद्द करने, अन्यथा आगामी 19 मार्च को नगर विकास विभाग को सामूहिक इस्तीफा सौंपने की चेतावनी दी है.
वार्ड पार्षद धर्मेंद्र कुमार, गणेश चौधरी, जमीरीलाल साह, प्रिंस कुमार, मीरा देवी, कौशल्या देवी, उमेश प्रसाद श्रीवास्तव, अंजली देवी, मीना देवी, विगनी देवी, राजकुमारी देवी, यशोदा देवी, वीणा देवी, चन्दरज्योति देवी आदि ने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी, समाहर्ता, नगर विकास विभाग, पटना को संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन देकर कहा है कि नगर पंचायत की सामान्य बैठक में प्रस्ताव संख्या-10/22 नवंबर 18 को पारित किया गया था कि कचरा अवशिष्ट के निस्तारण के लिए सरकारी भूमि उपलब्ध करवाने के लिए सीओ से मांग की जाए,
सरकारी भूमि की अनुपलब्धता होने की स्थिति में भूमि का क्रय किया जाएगा, पर नगर पंचायत की ओर से सीओ से सरकारी जमीन उपलब्ध करवाने की कोई मांग नहीं की व मनमाने ढंग से जमीन क्रय के लिए निविदा निकाल कर 13 मार्च को निविदा प्राप्त भी कर लिया गया.
जिससे भ्रष्टाचार प्रलक्षित हो रहा है. वार्ड पार्षदों ने निविदा रद्द नहीं होने की स्थिति में कथित भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपना सामूहिक इस्तीफा सौंपने की चेतावनी दी है.
इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी शशिभूषण मिश्रा ने बताया कि सीओ को पत्र लिखा गया था, पर उनके स्तर से जमीन उपलब्ध करवाने से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी गयी. फलतः कचरा अवशिष्ट के प्रबंधन के मद्देनजर जमीन क्रय के लिए निविदा निकाली गयी व 13 मार्च को तीन लोगों ने निविदा डाला है.
उन्होंने बताया कि पुनः सीओ को पत्र लिखा जा रहा है. यदि जमीन की उपलब्धता हो जाती है तो निविदा को रद्द कर दिया जाएगा. हालांकि सीओ अमित कुमार ने बताया कि जमीन उपलब्धता के लिए नगर पंचायत से अब तक कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ है. यदि पत्र मिलेगी तो इस आलोक में आवश्यक कदम उठाया जाएगा.
