सीतामढ़ी : जिले में शीतलहर का कहर बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को तापमान गिर कर छह डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. अपराह्न दो बजे कुछ पल के लिए घने कोहरे को चिरती हुई सूर्य की हल्की किरण धरती तक पहुंची, जो कुछ पल बाद गायब हो गयी.
आम से खास तक सभी का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. सड़क से इंसान व आसमान से पक्षी गायब. सुबह से रात तक घना कोहरा छाया हुआ है. कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिल रहा है. हाड़ कंपकंपाने वाली ठंड का आलम यह है कि अब लोग अपने आवश्यक कार्यों से भी घर से निकलना नहीं चाह रहे है. गर्म कपड़ों की मांग बढ़ती जा रही है.
यही कारण है कि छोटे-बड़े सभी दुकानों से गर्म कपड़ों की बिक्री बढ़ती जा रही है. इधर, घने कोहरे के कारण सोमवार की रात शहर के मेहसौल चौक पर एक ट्रक डिवाइडर पर चढ़ गया. एक सप्ताह के अंदर मेहसौल चौक पर यह दूसरी घटना है.
जिले के विभिन्न हिस्सों में मुखियाओं के अनुसार एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत ठंड से हो चुकी है, लेकिन पोस्टमार्टम नहीं कराये जाने के कारण जिला प्रशासन के रिकार्ड में ठंड से मरने वालों की संख्या शून्य है. ठंड से किसी की मौत होती है तो वो भी घटना प्राकृतिक आपदा की श्रेणी में आता है. हालांकि सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वैसे क्षेत्र जहां का सामान्य न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो वैसे क्षेत्र में यदि न्यूनतम तापमान सात डिग्री से कम हो जाये तो उस क्षेत्र को शीतलहर से प्रभावित माना जायेगा. इस तरह के हालात में मौत होने पर आपदा प्रबंधन से चार लाख रुपये मिलने का प्रावधान है. बता दे कि भारत सरकार ने वर्ष 2012 में ही शीतलहर/ पाला को राष्ट्रीय आपदा की श्रेणी में शामिल किया था.
शीतलहर से वृद्ध की मौत : मेजरगंज. प्रखंड के रतनपुर गांव में ठंड से एक वृद्ध महिला के मौत की चर्चा है. मृतका स्थानीय जयनाथ महतो की 55 वर्षीया पत्नी जयलश देवी है. परिजनों ने बताया कि सोमवार की रात वह खाना खाकर सोने चली गयी थी. मंगलवार की देर सुबह तक वह नहीं जगी, तो घरवाले उसे जगाने गये परंतु तब तक उसका शरीर पूरी तरह ठंड से जकड़ चुका था. संभावना व्यक्त की जा रही थी कि रात में ही वृद्धा की मृत्यु हो गयी. परिजनों ने इसकी सूचना सीओ अमरनाथ चौधरी को देकर सरकारी लाभ की मांग की है. स्थानीय मुखिया राम सुंदर राय वृद्धा की मौत का कारण ठंड बता रहे है.
