सकारात्मक सोच से होगा पंचायत का विकास

चोरौत : केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत पंचायतों व ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को कितनी गति मिली और क्या कमियां रह गयी है. इससे सरकार व समाज को अवगत कराने के लिए प्रखंड के बररी बेहटा पंचायत में ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. […]

चोरौत : केंद्र व राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत पंचायतों व ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को कितनी गति मिली और क्या कमियां रह गयी है.

इससे सरकार व समाज को अवगत कराने के लिए प्रखंड के बररी बेहटा पंचायत में ‘प्रभात खबर आपके द्वार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ही ग्रामीणों ने बेबाक होकर अपनी राय रखी.
बताया कि डीएम राजीव रौशन व बीडीओ नीलकमल से प्रेरित होकर मुखिया सुनिल यादव के अलावा अन्य जनप्रतिनिधियों के सहयोग से पंचायत में लगभग 1200 शौचालय निर्माण कराने के साथ ही पंचायत को ओडीएफ घोषित करवाया गया. प्रधानमंत्री आवास लाभुक निर्माण कार्य के बाद दूसरे किस्त का इंतजार कर रहे है.
वहीं विभिन्न पेंशन योजना के दर्जनों लाभुक पेंशन राशि के लिए प्रखंड एवं बैंक का चक्कर काट रहे है. जो उचित नहीं है. योजना का लाभ समय पर बगैर किसी परेशानी को मिलना चाहिए. तभी सुशासन की बात कही जा सकती है.
पंचायत की स्थिति
पंचायत में चार गांव : बेहटा, बररी, बलसा, अजरकबे बलसा,
जनसंख्या : 8900 लगभग
वोटरों की संख्या : 5400
विद्यालय : उच्चतर माध्यमिक विद्यालय 1, मध्य विद्यालय-4, प्राथमिक विद्यालय-5
अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र : एक
स्वास्थ्य उपकेंद्र : एक
पुस्तकालय : एक
पंचायत भवन है.
मुखिया सुनिल यादव ने अधिकारियों व कर्मचारियों पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि असहयोगात्मक रवैया के कारण विकास कार्य धीमा है. जितनी राशि प्राप्त हुई है, उससे पंचायत में विकास कार्य किया गया है. अभी पंचायत के कई हिस्सा में सड़क निर्माण, पीसीसी, पक्का नाला, आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण व वंचित वार्ड में बिजली सुविधा मुहैया कराना प्राथमिकता है. किसानों के हित में कई काम करने है. स्थिति यह है कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों का निर्माण अब तक नहीं कराया गया है.
पंसस प्रतिनिधि रामविनय चौधरी कहते है की बेहटा गांव में पुस्तकालय है. जिसमें फर्नीचर एवं पुस्तकों की कमी है. फर्नीचर एवं पुस्तकों की समस्या समाप्त हो जाने से युवाओं में शिक्षा के प्रति स्वयं जागरूकता आयेगी. सरकार को पंचायत समिति सदस्यों को भी विकासात्मक कार्य करना के लिए आवंटन देना चाहिए, जिससे पंचायत का सर्वांगीण विकास हो सकें.
ग्रामीण सुधीर यादव कहते है कि मुखिया के कार्यकाल में पंचायत के सभी स्कूल समयानुसार खुलता है. शिक्षक भी समय पर स्कूल आते हैं. स्कूलों में शिक्षकों की कमी के चलते छात्रों के पठन-पाठन में कठिनाई उत्पन्न हो रही है. जिसे दूर करने के साथ ही विद्यालय में ससमय छात्रों को पुस्तक की व्यवस्था आवश्यक है. कुछ जगहों पर आंगनबाड़ी केंद्र का भवन नहीं होने के कारण बच्चों को कठिनाई हो रही हैं. बचे आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के साथ ही सरकार के घोषणा के अनुसार वार्ड स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्र की व्यवस्था आवश्यक है.
ग्रामीण घनश्याम मंडल कहते हैं की पंचायत को ओडीएफ घोषित हुए लगभग दस माह हो गया. कुल 1200 सौ नये शौचालय का निर्माण हुआ है, किंतु अब तक लाभुकों का भुगतान नहीं होने से व्यवस्था के विरुद्ध लोगों में आक्रोश व्याप्त है.
ग्रामीण संजय कुमार राम कहते हैं कि बाढ़ आये लगभग छह माह हो गया, लेकिन अब तक सभी बाढ़ पीड़ितों के खाते में अब तक राशि नहीं भेजी गयी है. किसानों को फसल क्षति का लाभ नहीं मिल सका है. जिससे लोगों में प्रशासन एवं व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश है. जो कभी भी आंदोलन का रूप ले सकती हैं.
ग्रामीण आनंद कुमार मंडल कहते हैं की कन्या विवाह एवं कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत दर्जनों लाभुक राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं. जनप्रतिनिधि एवं पदाधिकारी द्वारा राशि की कमी की बात कही जा रही है. इसे दूर करना आवश्यक है. क्योंकि यह गरीबों के लिए लाभकारी योजना है. अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ ही उप स्वास्थ्य केंद्र भी हमेशा बंद रहता है.
जिसके चलते लोगों को पंचायत में सरकारी स्वास्थ्य सेवा नहीं मिल पा रही है. वरीय पदाधिकारी से शिकायत करने पर वे चिकित्सक एवं कर्मी की कमी का हवाला देकर टाल जाते है.
सरपंच राजबल्लभ मंडल कहते हैं कि पंचायत में कचहरी भवन नहीं है. सरकार द्वारा अब तक कोई संसाधन उपलब्ध नहीं कराया गया है. सूचना तालिमा कराने एवं सुरक्षा को लेकर कोई कर्मी नहीं उपलब्ध कराया गया हैं.

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