शेखपुरा डीएम शेखर आनंद के निर्देश पर शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए परिवहन विभाग की ओर से सघन ई-रिक्शा जांच अभियान चलाया गया. इस अभियान के दौरान बिना वैध कागजात व नियमों का उल्लंघन कर चलाए जा रहे ई-रिक्शा चालकों पर नकेल कसने को लेकर कार्रवाई की गई, और शहर में लगातार दूसरे दिन ई-रिक्शा वाहनों की जांच संचालित की गई.
प्रमुख चौराहों पर दस्तावेजों और परमिट की पड़ताल
इस विशेष जांच अभियान का नेतृत्व अपर प्रवर्तन निरीक्षक (एमवीआई) सुषमा कुमारी और पूजा कुमारी ने संयुक्त रूप से किया. जांच टीम ने शहर के सबसे व्यस्ततम और प्रमुख चौराहों पटेल चौक और स्टेशन चौक से गुजरने वाले सभी ई-रिक्शा चालकों के कागजातों की गहनता से पड़ताल की, जिसमें बिना रजिस्ट्रेशन के परिचालन, ड्राइविंग लाइसेंस और रूट परमिट की जांच शामिल थी.
लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई और भारी जुर्माना
बिना लाइसेंस और नाबालिग चालकों द्वारा ई-रिक्शा संचालन पर रोक लगाने के लिए कड़ी हिदायत दी गई, तथा क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और अवैध पार्किंग करने वाले टोटो चालकों पर त्वरित कार्रवाई की गई.
इस दौरान नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के खिलाफ ई-चालान काटते हुए कुल 01 लाख 09 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया.
जाम की समस्या और अनियंत्रित परिचालन
शहर में बड़े पैमाने पर ई-रिक्शा का परिचालन होने से अधिकांश चौक ई-रिक्शा स्टैंड के रूप में तब्दील हो गए हैं, जिससे हर समय दर्जनों वाहन खड़े रहने के कारण जाम का नजारा आम हो जाता है और अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है. रूट निर्धारित नहीं होने के कारण सड़कों पर लगातार भीड़ बढ़ रही है.
जांच अभियान के आगे भी जारी रहने के निर्देश
विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर की सड़कों को जाम से मुक्ति दिलाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा. प्रशासन ने सभी चालकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों के वैध कागजात साथ रखें और यातायात नियमों का पूरी तरह से पालन करें.
