शेखपुरा: बारिश में घर के आंगन में पहुंचा स्पेक्टिकल कोबरा, प्रखंड प्रमुख ने रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा

बारिश के मौसम में सांपों का घरों में पहुंचना आम है. खूंटी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा ने अपने घर के आंगन में घुसे स्पेक्टेकल कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया. उन्होंने सांपों को मारने के बजाय सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ने की अपील की है.

Shiekhpura Snake Rescue: बारिश के मौसम में सांपों के अपने प्राकृतिक आवास से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने की संभावना बढ़ जाती है. मंगलवार को चाईबासा के लुपुंगगुटू गांव में खूंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा के घर के आंगन में स्पेक्टिकल कोबरा (नाग सांप) पहुंच गया. सांप को देखकर आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया. बताया गया कि जंगल की ओर से भटकते हुए सांप घर के आंगन तक पहुंचा था. इसके बाद प्रखंड प्रमुख ने सावधानीपूर्वक कोबरा का रेस्क्यू किया और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया.

प्रखंड प्रमुख का दूसरा सफल रेस्क्यू

सिद्धार्थ होनहागा ने बताया कि यह उनका दूसरा सफल सांप रेस्क्यू है. इससे पहले उन्होंने एक अजगर का भी सुरक्षित रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपा था. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सांप अक्सर अपने प्राकृतिक आवास से निकलकर भटकते हुए घरों और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं.

उन्होंने कहा कि सांप प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं. इसलिए उन्हें मारने के बजाय सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ना चाहिए.

सांप को रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ते खूंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा

सांप दिखे तो नहीं करें छेड़छाड़

सिद्धार्थ होनहागा ने लोगों से सांप को छेड़ने या हाथ से पकड़ने का प्रयास नहीं करने की अपील की. उन्होंने कहा कि ऐसा करने से जान का खतरा हो सकता है. रात में सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करने और अंधेरे में टॉर्च लेकर ही बाहर निकलने की सलाह दी.

खेतों में जाते समय बरतें सावधानी

उन्होंने कहा कि खेतों में जाते समय जूते-चप्पल पहनें और साथ में लाठी रखें. सांप के काटने पर झाड़-फूंक या ओझा-गुनी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए. ऐसी स्थिति में तत्काल अस्पताल पहुंचकर चिकित्सकीय उपचार कराना चाहिए.

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लेखक के बारे में

By शचिंद्र कुमार दाश

शचिंद्र कुमार दाश प्रभात खबर के वरीय संवाददाता हैं और हिंदी पत्रकारिता में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं। वे झारखंड और ओडिशा की राजनीति, प्रशासन, ग्रामीण विकास, सामाजिक सरोकार, कानून-व्यवस्था तथा जनहित से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग करते हैं। इसके साथ ही कला, भाषा, संस्कृति, आध्यात्म और समसामयिक विषयों पर लेखन में उनकी विशेष रुचि है। नई जानकारियां जुटाना और उन्हें प्रमाणिक तथ्यों के साथ पाठकों तक पहुंचाना उनकी कार्यशैली की प्रमुख विशेषता है। उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, शिक्षा, खेल, पर्यावरण, साहित्य, संस्कृति से जुड़े विषयों को समेटती है। शचिंद्र कुमार दाश ग्राउंड रिपोर्टिंग पर विशेष जोर देते हैं। वे घटनास्थल पर पहुंचकर तथ्यों के आधार पर समाचार प्रस्तुत करने तथा आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का प्रयास करते हैं।

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