Sheikhpura Plastic Waste Management Unit : स्वच्छ भारत मिशन और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत प्रखंड कार्यालय परिसर में जिला प्रशासन की ओर से "प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट" का शुभारंभ किया गया. इस यूनिट के जरिए पंचायतों से एकत्रित प्लास्टिक कचरे का निपटान किया जाएगा.
इसके साथ ही उस वेस्ट प्लास्टिक का उपयोग सड़क निर्माण और पेवर ब्लॉक बनाने में किया जाएगा. डीडीसी राकेश कुमार ने इस प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का उद्घाटन फीता काटकर किया. इस मौके पर बीडीओ शिवशंकर राय, जिला विकास अधिकारी गौतम आर्या सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद थे.
पंचायतों में कचरे के निपटान की सुविधा
इस संबंध में जानकारी देते हुए विकास अधिकारी गौतम आर्या ने बताया कि प्लास्टिक कचरे की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. शेखपुरा जिले में भी प्लास्टिक कचरे का निष्पादन एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही थी.
इसे देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से शेखपुरा सदर प्रखंड कार्यालय परिसर में शुक्रवार को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट का शुभारंभ किया गया है.
इससे सदर प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में एकत्रित प्लास्टिक कचरे का इस यूनिट के जरिए निपटान किया जाएगा.
यूनिट में स्थापित तीन प्रमुख मशीनें
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में तीन तरह की मशीनें स्थापित की गई हैं. इनमें 1. डस्ट रिमूवर मशीन (Dust Remover Machine), 2. प्लास्टिक श्रेडर मशीन (Plastic Shredder Machine), 3. प्लास्टिक बैलर मशीन (Plastic Baler Machine) शामिल हैं. पीएमडब्ल्यूयू (PMWU) के निर्माण का उद्देश्य कचरे का सही तरीके से निपटान करना है.
इसके परिचालन हेतु प्रखंड के द्वारा सावित्री रिन्यूएबल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, पटना के साथ एकरारनामा किया गया है. ग्राम पंचायत स्तर पर निर्मित डब्लूपीयू (WPU) से प्लास्टिक लाकर पीएमडब्ल्यूयू पर इसे बिक्री योग्य बनाया जाएगा.
ग्राम पंचायतों से संग्रहित कचरे का प्रसंस्करण
ग्राम पंचायत स्तर पर संग्रहित कचरे के निपटान हेतु प्रखंड में पीएमडब्ल्यूयू का निर्माण हुआ है. डस्ट रिमूवर मशीन से कचरे की सफाई की जाती है, जिसमें प्लास्टिक बोतल एवं पॉलीथिन को साफ किया जाता है.
प्लास्टिक बैलर मशीन से पॉलीथिन एवं प्लास्टिक के बोतल का 50 से 60 किलोग्राम का बंडल बनाया जाता है ताकि सुगमता से इसे बिक्री किया जा सके.
प्लास्टिक श्रेडर मशीन से प्लास्टिक को काटा जाता है और आने वाले समय में इस कटे हुए प्लास्टिक से सड़क निर्माण एवं प्लास्टिक के पेवर ब्लॉक बनाए जाएंगे.
