Sheikhpura News (निरंजन कुमार): शेखपुरा जिले में भीषण और चिलचिलाती गर्मी का सितम एक बार फिर से आम जनजीवन को बेहाल करने लगा है. मंगलवार, 2 जून 2026 को जिले का पारा एक बार फिर चढ़ते हुए 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. गौरतलब है कि पिछले दिनों हुई हल्की बूंदाबांदी और आंधी-पानी के कारण मौसम का मिजाज अचानक बदल गया था, जिससे तापमान गिरकर 29 डिग्री सेल्सियस तक आ गया था और लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली थी. लेकिन, यह राहत बेहद क्षणिक साबित हुई. पिछले दो-तीन दिनों से क्रमिक (लगातार) रूप से धूप की तपिश बढ़ी है और पारा दोबारा 40 डिग्री पर पहुंच गया है, जिससे दोपहर के समय सड़कें सूनी होने लगी हैं.
आने वाले दिनों में और बढ़ेगा पारा, बारिश की कोई चेतावनी नहीं: मौसम विभाग
मौसम विज्ञान केंद्र से प्राप्त ताजा आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आने वाले दिनों में फिलहाल मौसम का मिजाज ऐसा ही शुष्क और बेहद गर्म बना रहेगा. मौसम वैज्ञानिकों ने अपने पूर्वानुमान में तापमान में और अधिक वृद्धि होने की भविष्यवाणी की है. राहत की बात देख रहे जिलेवासियों के लिए मौसम विभाग ने साफ किया है कि फिलहाल आगामी कुछ दिनों तक शेखपुरा और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की कोई चेतावनी या भविष्यवाणी जारी नहीं की गई है. आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और तीखी धूप के साथ गर्म हवाएं (लू) लोगों को और परेशान कर सकती हैं.
दोपहर में घरों से बाहर न निकलने की सलाह, तबीयत बिगड़ने पर तुरंत जाएं सरकारी अस्पताल
गर्मी के इस बढ़ते प्रकोप और हीटवेव की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग के साथ-साथ जिला आपदा प्रबंधन शाखा और स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों के लिए विशेष स्वास्थ्य परामर्श (एडवाइजरी) जारी की है. प्रशासन ने लोगों से निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सख्त हिदायत दी है:
- दोपहर से परहेज: बहुत जरूरी काम न हो, तो दोपहर के समय तेज धूप में घरों से बाहर बिल्कुल न निकलें.
- पानी का सेवन: यदि किसी आवश्यक कार्य से बाहर निकलना भी पड़े, तो घर से पर्याप्त मात्रा में पानी या ओआरएस (ORS) का घोल पीकर ही बाहर कदम रखें.
- पहनावा: धूप में निकलते समय हमेशा हल्के रंग के सूती (कॉटन) वस्त्र पहनें और अपने शरीर तथा सिर को पूरी तरह से गमछे, टोपी या छतरी से ढक कर रखें.
- आपातकालीन उपचार: यदि गर्मी या लू के कारण अचानक तबीयत बिगड़ती है, चक्कर आता है या उल्टी-दस्त की शिकायत होती है, तो झाड़-फूंक या घरेलू नुस्खों के चक्कर में पड़े बिना तुरंत अपने निकटवर्ती सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या सदर अस्पताल की शरण लें.
बारिश से खेती-किसानी को मिली संजीवनी, खेतों की जुताई और बुवाई का काम हुआ तेज
एक तरफ जहां इस झुलसा देने वाली गर्मी से आम राहगीर और शहरी आबादी त्रस्त है, वहीं दूसरी ओर पिछले दिनों हुई मानसूनी पूर्व की बारिश से ग्रामीण इलाकों में खेती-किसानी से जुड़े अन्नदाताओं को बड़ी सहूलियत हुई है. बारिश की नमी का फायदा उठाकर किसानों ने अपने-अपने खेतों का रुख कर लिया है. जिले के विभिन्न प्रखंडों में किसान खरीफ फसलों की तैयारी के तहत खेतों में धान के बिचड़े (नर्सरी) डालने, मकई (मक्का) और अरहर (तुअर) आदि की अगेती बुवाई करने के लिए ट्रैक्टर और हल से खेतों की सघन जुताई के काम में पूरी तत्परता से जुट गए हैं.
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