Sheikhpura News (चतुरानन्द मिश्रा की रिपोर्ट): शेखपुरा जिले के शेखोपुरसराय प्रखंड के पन्हेंशा-मिर्जाइन नहर पर मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत निर्माणाधीन पुल की ढलाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो के वायरल होने के बाद संबंधित विभाग के कनीय इंजीनियर राहुल कुमार ने पूरे मामले पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है. इंजीनियर राहुल कुमार ने स्पष्ट तौर पर बताया कि पुल का निर्माण कार्य स्वीकृत प्राक्कलन स्टीमेट एवं सभी तकनीकी मानकों के अनुरूप इंजीनियरों की देखरेख में कराया जा रहा है.
भीषण गर्मी से आई दरार
उन्होंने कहा कि मंगलवार को पुल की ढलाई का मुख्य कार्य किया गया था. उस समय स्थानीय क्षेत्र का तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था. अधिक भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण ढलाई की ऊपरी सतह पर, जहां सीमेंट की मात्रा अपेक्षाकृत अधिक रहती है, हल्की हेयर क्रैकिंग (बारीक दरारें) दिखाई दी. उन्होंने तकनीकी पक्ष को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह एक सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है. इससे पुल की मुख्य गुणवत्ता पर कोई भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है.
कंक्रीट की होगी क्योरिंग
राहुल कुमार ने आगे बताया कि ढलाई का कार्य अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है. ढलाई के लगभग 12 घंटे बाद सतह पर मिट्टी का मजबूत बांध बनाकर पानी का संग्रह किया जाएगा. जिससे कंक्रीट की उचित क्योरिंग (पटवन) बेहतर तरीके से हो सके. इसके बाद निर्धारित सरकारी प्रक्रिया के तहत छोटी स्टोन (गिट्टी) के साथ लगभग तीन इंच की अंतिम ढलाई का काम भी किया जाना बाकी है. इंजीनियर ने कहा कि कुछ लोगों ने पूरी जानकारी के बिना यह भ्रम फैलाया है.
बिना जानकारी के बनाया वीडियो
उन्होंने कहा कि कुछ ग्रामीणों ने निर्माण प्रक्रिया की पूरी और सही तकनीकी जानकारी लिए बिना ही वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया. जिससे आम लोगों के बीच बेवजह भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है. उन्होंने पूरी मजबूती से दावा किया कि वायरल वीडियो में दिखाए गए भ्रामक तथ्यों का वास्तविक निर्माण गुणवत्ता से दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है. निर्माण कार्य में उच्च स्तर की सामग्रियों का प्रयोग विभाग द्वारा कराया जा रहा है.
आपसी रंजिश में छवि धूमिल
राहुल कुमार ने सीधा आरोप लगाया कि गांव के ही दो लोगों की आपसी रंजिश के कारण मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह से सतर्कता बरती जा रही है. तथा सभी छोटे-बड़े कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही किए जा रहे हैं. किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं किया जाएगा.
