Sheikhpura News:शहरी विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए नई व्यवस्था के तहत सशक्त स्थाई समिति का चुनाव मंगलवार यानी 26 मई को होने जा रहा है. जिला प्रशासन द्वारा इस महत्वपूर्ण चुनाव के लिए तारीख पहले ही मुकर्रर कर दी गई है. जिलाधिकारी (डीएम) के नेतृत्व में निर्वाची पदाधिकारी से लेकर चुनाव से जुड़ी सभी आवश्यक प्रशासनिक तैयारियां और प्रक्रिया पूरी कर ली गई हैं. निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए नगर परिषद कार्यालय और उसके आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम किए गए हैं. नगर परिषद सूत्रों के अनुसार, चुनाव की यह पूरी प्रक्रिया मंगलवार सुबह 8:00 बजे से ही शुरू हो जाएगी.
33 वार्ड पार्षद करेंगे मतदान, दावेदारों के बीच जोड़-तोड़ की कसरत तेज
सशक्त स्थायी समिति के चुनाव की प्रक्रिया पर नजर डालें तो शेखपुरा नगर परिषद के सभी 33 वार्डों के निर्वाचित वार्ड पार्षदों के द्वारा ही इस समिति के सदस्यों का चुनाव किया जाना है. चुनाव की तारीख नजदीक आते ही संभावित दावेदारों के बीच राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है और पार्षदों को अपने पक्ष में करने के लिए जोड़-तोड़ की कसरत लगातार जारी है. नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि सुबह 8:00 बजे ही नगर परिषद शेखपुरा कार्यालय में चुनाव की सारी प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इस दौरान सबसे पहले संभावित अभ्यर्थियों के द्वारा नामांकन पत्र दाखिल किया जाएगा. इसके बाद स्क्रूटनी और नाम वापसी जैसी विभिन्न तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए मतदान कराया जाएगा. मतदान संपन्न होने के तुरंत बाद ही मतगणना की जाएगी और उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे.
जानिए क्या है पांच सदस्यीय स्थायी सशक्त समिति और इसके अधिकार
नगर परिषद की इस स्थायी सशक्त समिति में कुल पांच मेंबर (सदस्य) होते हैं. इसमें से मुख्य पार्षद (नगर सभापति) एवं उपमुख्य पार्षद (उपसभापति) पदेन सदस्य के रूप में पहले से ही इसके अंग होते हैं, जबकि बाकी बचे तीन सदस्यों का चुनाव इस मतदान प्रक्रिया के जरिए किया जाना है. नगर विकास के लिहाज से यह समिति बेहद शक्तिशाली और महत्वपूर्ण मानी जाती है. स्थायी सशक्त समिति ही शहरी क्षेत्र में होने वाली तमाम छोटी-बड़ी विकास योजनाओं का चयन करती है और उसका वित्तीय व प्रशासनिक प्रस्ताव तैयार करती है. इस समिति द्वारा तैयार प्रस्ताव को बाद में नगर परिषद बोर्ड की सामान्य बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाता है. बोर्ड की सहमति मिलने के बाद ही विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए टेंडर और निर्माण की प्रक्रिया शुरू होती है.
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