Sheikhpura News (सत्येन्द्र कुमार): शेखपुरा जिला मुख्यालय स्थित कृषि कार्यालय के सभागार में सोमवार को खरीफ महाअभियान को लेकर एक दिवसीय भव्य जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए अपर समाहर्ता (ADM) लखीन्द्र पासवान ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्नत बीज से लेकर मृदा स्वास्थ्य जांच, समेकित खेती और भारी सब्सिडी पर आधुनिक कृषि यंत्र मुहैया करा रही है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पारंपरिक ढर्रे से बाहर निकलकर सरकार की इन कल्याणकारी योजनाओं का भरपूर और सीधा लाभ उठाएं.
कम पानी और कम लागत में बंपर पैदावार का फॉर्मूला, व्यवसायिक खेती पर जोर
प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी राजेश कुमार रंजन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए सैकड़ों किसानों को एडीएम ने दूसरे प्रदेशों में जाकर मजदूरी करने के बजाय अपनी ही माटी पर पसीना बहाकर अमीर बनने की सलाह दी. किसानों को धान और मक्का जैसी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक अलका ज्योति शर्मा, कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों से लगातार मौसम व मिट्टी के मिजाज के अनुसार सलाह लेने को कहा गया. एडीएम ने कहा कि किसान केवल पारंपरिक फसलों पर निर्भर न रहें, बल्कि अपने खेतों में विकल्प के तौर पर हल्दी, अदरक और अरहर जैसी व्यवसायिक फसलें लगाएं, जो कम लागत और कम पानी में तैयार होकर बाजार में बंपर मुनाफा देती हैं.
जमीन का रिकॉर्ड नहीं तो नहीं मिलेगी सरकारी मदद, जानिए मोटेशन की पूरी प्रक्रिया
कार्यशाला के दौरान एडीएम ने एक बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दे पर जिले के सभी जमीन मालिकों को कड़े निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि यदि आपकी खेती योग्य जमीन आज भी आपके दादा-परदादा या पूर्वजों के नाम पर है, तो उसे अविलंब अपने नाम पर दर्ज (मोटेशन/दाखिल-खारिज) करवाएं. जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त न होने की स्थिति में भविष्य में किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने या बैंक से कृषि ऋण (KCC) लेने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा.
मोटेशन का आसान फॉर्मूला:
सबसे पहले अपने क्षेत्र के संबंधित सरपंच से मिलकर अपनी प्रामाणिक वंशावली निर्गत करवाएं.
इसके बाद नामांतरण फॉर्म को पूरी तरह भरकर उसमें अपना खाता, खसरा, रकबा और जमीन के आवश्यक पुराने कागजात संलग्न करें.
इन सभी दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर आवेदन करें, जिसके बाद अंचलाधिकारी (CO) के माध्यम से रसीद काटने की प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी हो जाएगी.
सरकारी सहायता की पहली सीढ़ी है किसान पंजीकरण, दफ्तर में पहुंचे हाइब्रिड बीज
प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी ने कार्यशाला में किसानों को चेताया कि सरकारी सहायता और सब्सिडी सीधे अपने बैंक खाते में पाने के लिए ‘किसान पंजीकरण’ (Farmer Registration) कराना अनिवार्य है. इसके बिना किसी भी सरकारी योजना का लाभ सीधे नहीं मिल सकेगा.
इसके साथ ही खरीफ सीजन को देखते हुए जिले के किसानों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर साझा की गई कि जिला कृषि कार्यालय में उच्च गुणवत्ता वाले हाइब्रिड (शंकर) धान और शंकर मक्का के उन्नत बीज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध करा दिए गए हैं. इच्छुक किसान बिना किसी देरी के अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या किसान सलाहकार से संपर्क कर अनुदानित दरों पर इन उन्नत बीजों को प्राप्त कर सकते हैं. इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले किसानों को तकनीकी रूप से मजबूत करना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना था.
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