Sheikhpura News(रंजीत कुमार): बिहार के शेखपुरा जिले के कसार गांव में हुए दोहरे किशोर हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर पूरी तरह सुलझा लिया है. शव बरामदगी के तीसरे दिन शेखपुरा पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है. कसार गांव के ही 5 जिगरी दोस्तों ने मिलकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद 5 हत्यारों में से 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष छापेमारी टीम लगातार दबिश दे रही है.
चोरी की रकम बांटने में हुआ था विवाद, ₹20 हजार के लिए बुझा दिए दो चिराग
शेखपुरा के पुलिस कप्तान (SP) बलिराम चौधरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर इस पूरे मामले की क्रोनोलॉजी और वारदात के पीछे की खौफनाक साजिश को उजागर किया.
कैसे और क्यों हुई हत्या (पूरी इनसाइड स्टोरी):
एसपी बलिराम चौधरी ने बताया कि इस कांड के मृतक और हत्यारे आपस में गहरे दोस्त थे और सभी मिलकर एक स्थानीय चोर गिरोह का संचालन करते थे. कुछ दिनों पहले इस गिरोह ने एक जगह चोरी की बड़ी घटना को अंजाम दिया था. इस चोरी से मिले 20 हजार रुपये नकद इस कांड के मृतक पीयूष कुमार के पास सुरक्षित जमा थे. गिरोह के बाकी साथी पीयूष से अपनी-अपनी हिस्सेदारी के पैसों की मांग कर रहे थे, जिसे देने में आनाकानी की जा रही थी. इसी 20 हजार रुपये की नगदी को बांटने और हिस्सेदारी को लेकर 7 दोस्तों के बीच विवाद इस कदर बढ़ा कि वह खूनी खेल में बदल गया.
दौड़ाकर पकड़ा, फिर गला घोंटकर उतारा मौत के घाट; खुद ही लाश मिलने पर मचा रहे थे शोर
पैसों के विवाद के बाद योजनाबद्ध तरीके से 5 दोस्तों ने मिलकर अपने ही दो साथियों पर हमला बोल दिया. आरोपियों ने दोनों किशोरों को दबोच लिया और बेरहमी से गला दबाकर दोनों की हत्या कर दी. साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शवों को ठिकाने लगा दिया गया.
इस पूरे मामले का सबसे घिनौना और शातिर पहलू तब सामने आया जब कसार गांव से दोनों शव बरामद हुए. शव मिलने के दिन पुलिस को गुमराह करने और खुद को बेकसूर साबित करने के लिए ये शातिर हत्यारे पीड़ितों के परिजनों के साथ खड़े थे. वे न केवल पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने का नाटक कर रहे थे, बल्कि पुलिस प्रशासन के समक्ष शवों को रखकर हंगामा करने और न्याय की मांग करने में भी सबसे आगे थे.
एसपी बोले: एक फरार आरोपी भी जल्द होगा सलाखों के पीछे
पुलिस कप्तान ने बताया कि शव मिलने के बाद से ही पुलिस की तकनीकी सेल और स्थानीय थाना की टीम संदिग्धों पर नजर रख रही थी. वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो दोस्तों का यह झूठ ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और उन्होंने अपना गुनाह कबूल कर लिया.
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के 4 सदस्यों को सलाखों के पीछे भेज दिया है. एसपी बलिराम चौधरी ने सख्त लहजे में कहा कि मामले में स्पीडी ट्रायल चलाकर सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी. फरार चल रहे पांचवें आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है.
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