शेखपुरा में रंग लायी युवाओं की मेहनत : पहाड़ी पर छायी हरियाली, काजू के पेड़ में लगे फल

Sheikhpura News : युवाओं की टोली की मेहनत ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है. उनकी मेहनत की बदौलत पहाड़ी पर हरियाली छा गयी है और उनके लगाये काजू के पौधों में फल लगने लगे हैं. दरअसल शेखपुरा शहर की खांडपर पहाड़ी पेड़-पौधों की हरियाली और सजावट से सुर्खियों में है. पहाड़ी का जायजा लेने डीएम शेखर आनंद सहित अन्य अधिकारी भी वहां पहुंचे हैं.

Sheikhpura News : (रंजीत कुमार) युवाओं की टोली की मेहनत ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है. उनकी मेहनत की बदौलत पहाड़ी पर हरियाली छा गयी है और उनके लगाये काजू के पौधों में फल लगने लगे हैं. दरअसल शेखपुरा शहर की खांडपर पहाड़ी पेड़-पौधों की हरियाली और सजावट से सुर्खियों में है. पहाड़ी का जायजा लेने डीएम शेखर आनंद सहित अन्य अधिकारी भी वहां पहुंचे हैं.

यहां युवाओं की एक टोली समय निकाल कर दिन-रात पहाड़ी की चोटी पर पौधा लगाकर हरा भरा करने एवं सजावट में अपना पसीना बहा रहे हैं. युवाओं की इस मेहनत के बदौलत अधिकारी भी काफी उत्साहित हैं. इतना ही नहीं, पशु-पक्षियों को ही संरक्षित करने के लिए युवा दिन-रात काम कर रहे हैं.

हाल के दिनों में पहाड़ी की चोटी पर युवाओं के द्वारा लगाया गया काजू का पेड़ भी काफी सुर्खियां बटोर रहा है. काजू के इस पेड़ में फल भी आने लगा है लोग इसको लेकर काफी आश्चर्यचकित है.

काजू का पेड़ बना आकर्षण का केंद्र

जेपी सेनानी राजेंद्र प्रसाद उर्फ राजकुमार महतो ने बताया कि पहाड़ी की चोटी पर साधारण पौधा लगाना काफी मुश्किल भरा काम था. वहां आज काजू के पेड़ में फल लग रहे हैं. युवाओं ने एक बार फिर अपनी मजबूत हौसले का परिचय दिया है.

पहाड़ी चोटी पर पौधों को लगाना नियमित रूप से उसे सिंचना और देखभाल करना बड़ी मेहनत का काम है. इसे युवाओं की टीम बखूबी कर रही हैं. टोली में शामिल गुड्डू कुमार ने बताया कि यहां पर लगभग दो दर्जन युवा ऐसे हैं जो नियमित रूप से अपना योगदान दे रहे हैं.

करीब चार साल पहले ही पहाड़ी की चोटी पर काजू का पेड़ लगाया गया था. इस पेड़ को सुरक्षा देने से लेकर नियमित रूप से पटवन के लिए काम किया जा रहा था. आखिरकार पौधा फल देने लगा है.

पेड़ों पर लगाया गया वाटर पॉट, पशु-पक्षी बुझा रहे प्यास

पहाड़ी की चोटी पर लगाये गये हजारों पेड़-पौधों के कारण पशु-पक्षियों का बसेरा हो गया है. पहाड़ी की चोटी पर बंदर भी दिखने लगे हैं. पेड़ की टहनियों में बड़ी संख्या में वाटर पोर्ट लगाये जाने एवं नियमित रूप से सुबह-शाम उसमें पानी भरने में युवा पूरी तरह सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं. ऐसी स्थिति में अपनी प्यास बुझाने के लिए पशु-पक्षी वहां पहुंच रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Vivek Singh

विवेक सिंह माता सीता की धरती और मिथिला का द्वार कहे जाने वाले समस्तीपुर जिले से आते हैं. वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. इससे पहले #The_Newsdharma के साथ डिजिटल मीडिया, ग्राउंड रिपोर्टिंग , और न्यूज़ लेखन के क्षेत्र में कार्य करने का अनुभव रहा है. सामाजिक, राजनीतिक, शिक्षा, युवा, महिला सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर विशेष रुचि रखते हैं. सरल, तथ्यात्मक और प्रभावी लेखन शैली के माध्यम से पाठकों तक महत्वपूर्ण खबरें और मुद्दे पहुंचाने का निरंतर प्रयास करते हैं. NGO अमर शहीद बिपिन सिंह फाउंडेशन के साथ जुड़कर सामाजिक, स्वास्थ्य, पर्यावरण ,रोजगार और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर भी कार्य करने का अनुभव हैं.

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