Sheikhpura News : (रंजीत कुमार) शेखपुरा जिले के नगर पंचायत चेवाड़ा में ठोस कचरा प्रबंधन की बदहाल व्यवस्था अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगी है. नगर क्षेत्र से निकलने वाले कचरे को खुले स्थानों पर डंप किए जाने से दुर्गंध, प्रदूषण और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है.
हाईवे किनारे बन गया कचरे का पहाड़
शेखपुरा-सिकंदरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर चेवाड़ा थाना के समीप बड़े पैमाने पर कचरा जमा किया जा रहा है. खुले में पड़े कचरे से उठने वाली दुर्गंध राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। सड़क से गुजरने वाले लोगों को भी बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है.
कचरे में आग लगाकर बढ़ाया जा रहा प्रदूषण
स्थानीय लोगों का कहना है कि जमा कचरे में समय-समय पर आग लगा दी जाती है, जिससे जहरीला धुआं निकलता है। इस धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत होती है और पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है. लोगों ने आशंका जताई है कि इससे श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
कई इलाकों में फैल चुकी है समस्या
नगर पंचायत क्षेत्र में कचरा प्रबंधन की समस्या सिर्फ एक जगह तक सीमित नहीं है. चेवाड़ा बाजार के पश्चिम स्थित उत्तर टोला के लोग भी सड़क किनारे फेंके जा रहे कचरे से परेशान हैं. वहीं मॉडल हाई स्कूल के समीप भी खुले में कचरा डंप किए जाने से छात्रों और स्थानीय निवासियों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों और राहगीरों की बढ़ी परेशानी
विद्यालय के आसपास कचरा जमा होने से न केवल वातावरण दूषित हो रहा है, बल्कि विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने इस पर चिंता जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
डंपिंग यार्ड नहीं, इसलिए बढ़ रही मुश्किलें
नगर पंचायत चेवाड़ा के कार्यपालक पदाधिकारी अमित ठाकुर ने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में अब तक स्थायी डंपिंग यार्ड का निर्माण नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि डंपिंग यार्ड के लिए उपयुक्त भूमि की तलाश और चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी है.
स्थायी समाधान की मांग तेज
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से कचरा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने और जल्द से जल्द स्थायी डंपिंग यार्ड का निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया तो यह समस्या जनस्वास्थ्य के लिए और गंभीर संकट बन सकती है.
सवालों के घेरे में सफाई व्यवस्था
नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बीच लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कचरा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं बन पाई है. ऐसे में चेवाड़ा के नागरिक अब प्रशासन से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं.
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