शेखपुरा में नल-जल योजना में गड़बड़ी की शिकायतों पर DM सख्त, 24 अधिकारियों की टीम करेगी जांच

Sheikhpura News: शेखपुरा जिले में संचालित नल-जल योजना में मिल रही गड़बड़ी की शिकायतों पर डीएम ने बड़ा एक्शन लिया है. उन्होंने 24 जिला स्तरीय अधिकारियों की विशेष टीम गठित कर विभिन्न पंचायतों के वार्डों की जमीनी जांच के निर्देश दिए हैं.

Sheikhpura News (सत्येन्द्र कुमार): शेखपुरा जिले में संचालित नल जल योजना में मिल रही शिकायतों के मदेनजर डीएम ने बड़ा 24 सदस्यीय जिला स्तरीय अधिकारियों की विशेष जांच टीम का गठन किया है. इसके साथ ही इन अधिकारियों को जिले के विभिन्न पंचायतों के वार्डों में संचालित नल जल योजना की जांच–पड़ताल कर जमीनी रिपोर्ट सौपने का निर्देश दिया है. इस सम्बन्ध में जिला सूचना जन सम्पर्क पदाधिकारी ने बताया कि इस टीम को विभिन्न पंचायतों के वार्डों में जाकर नल-जल योजना की स्थिति की विस्तृत जांच कर यथाशीघ्र रिपोर्ट जिला गोपनीय शाखा में जमा करने का निर्देश दिया गया है.

जनता दरबार में मिली थीं शिकायतें

जिला अंतर्गत सभी विभागों में प्रत्येक सोमवार और शुक्रवार को आयोजित होने वाले डीएम के ‘जनता दरबार’ में लगातार आमजनों द्वारा यह शिकायतें मिल रही थीं कि जिले के विभिन्न वार्डों में नल-जल की आपूर्ति पूरी तरह ठप है. ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं. जनता की इन गंभीर शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए डीएम ने त्वरित कार्रवाई की और व्यापक स्तर पर जांच टीम गठित कर दी. जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग प्रखंडों और पंचायतों की कमान सौंपी गई है.

दो दर्जन पदाधिकारी करेंगे पड़ताल

जिनमें मुख्य रूप से अपर समाहर्ता (जांच) एवं अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को अरियरी प्रखंड के चोढदरगाह पंचायत की जांच का जिम्मा मिला है. अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी को बरबीघा प्रखंड के जगदीशपुर और अपर समाहर्ता विभागीय जांच को शेखोपुर सराय प्रखंड के मोहब्बतपुर पंचायत में जांच के लिए तैनात किया गया है. जिला परिवहन पदाधिकारी बेबी कुमारी को चेवाड़ा प्रखंड के लहना पंचायत में जाकर वस्तुस्थिति का पता लगाने का निर्देश दिया गया है. इसी तरह कुल 24 पदाधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रतिनियुक्त किया गया है.

ऑपरेटरों के मानदेय की होगी जांच

इस विशेष जांच अभियान में डीएम ने दो मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित रहने का निर्देश दिया है. जिनमें जल आपूर्ति की स्थिति क्या सभी वार्डों में नियमित रूप से शुद्ध पेयजल मिल रहा है? यदि आपूर्ति ठप है, तो इसके पीछे तकनीकी खराबी है या कोई अन्य लापरवाही? शामिल है. नल-जल योजना के सुचारू संचालन के लिए तैनात ऑपरेटरों को उनका मानदेय समय पर मिला है या नहीं, इसकी भी गहनता से जांच की जाएगी. कई जगहों पर मानदेय न मिलने के कारण भी ऑपरेटरों द्वारा काम बंद किए जाने की आशंका है.

लापरवाह कर्मियों पर होगी कार्रवाई

डीएम ने स्पष्ट कर दिया है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी संबंधित पदाधिकारी अविलंब अपने निर्धारित क्षेत्रों का दौरा कर ग्राउंड रिपोर्ट तैयार करेंगे और इसे जिला गोपनीय शाखा में जमा करेंगे. रिपोर्ट के आधार पर दोषी कर्मियों और संवेदकों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी. जिला प्रशासन के इस कड़े कदम और हलचल के बाद से नल-जल योजना से जुड़े विभागों और लापरवाह कर्मियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है.

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Published by: Vikas Jha

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