Sheikhpura News : (रंजीत कुमार) शेखपुरा जिले के अरियरी प्रखंड में मनरेगा योजना में चल रहे कथित खेल का बड़ा खुलासा हुआ है. जिला पदाधिकारी शेखर आनंद के औचक निरीक्षण में मनरेगा अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों की मिलीभगत से हो रही अनियमितताओं की पोल खुल गई. निरीक्षण के दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां सामने आने के बाद डीएम ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को कड़ी फटकार लगाई और कार्रवाई के निर्देश दिए.
मजदूरों के पास नहीं मिले जॉब कार्ड
डीएम सबसे पहले डीहा पंचायत के फरपर गांव पहुंचे, जहां मनरेगा कार्यों का निरीक्षण किया गया. मौके पर मजदूरों के पास जॉब कार्ड नहीं मिलने और उपस्थिति पंजी में गड़बड़ी पाए जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई. इस दौरान ग्रामीणों ने वार्ड संख्या 1, 2 और 3 में हर घर नल-जल योजना के तहत पानी आपूर्ति बंद रहने की शिकायत भी की. डीएम ने जल्द शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया.
NMMS ऐप में फर्जी उपस्थिति का मामला आया सामने
इसके बाद कमालपुर मौजा में निरीक्षण के दौरान बड़ा खुलासा हुआ. डीएम ने पाया कि एनएमएमएस ऐप पर जिन मजदूरों की उपस्थिति दर्ज थी, वे कार्यस्थल पर मौजूद ही नहीं थे. उनकी जगह अन्य लोग काम कर रहे थे. इसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए डीएम ने संबंधित कर्मियों के खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई का निर्देश दिया. साथ ही सभी कार्यों में जियो-टैगिंग फोटो अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का आदेश दिया.
किसान पंजीकरण में भी मिली भारी गड़बड़ी
रामपुर मौजा में किसान पंजीकरण कार्य की समीक्षा के दौरान भी कई खामियां सामने आईं. किसानों के नाम और जमीन की रसीद में बड़े पैमाने पर त्रुटियां पाई गईं. इस पर डीएम ने किसान समन्वयक को प्रतिदिन कम से कम 10 मामलों में सुधार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
निरीक्षण से मचा हड़कंप
डीएम के औचक निरीक्षण से पूरे प्रखंड प्रशासन में हड़कंप मच गया. निरीक्षण के दौरान कई जिला और प्रखंड स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे. प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब संबंधित कर्मियों और पंचायत प्रतिनिधियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है.
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