Sheikhpura News (सत्येंद्र कुमार): भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने जिले की विभिन्न जन समस्याओं को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया. शहर के स्टेशन रोड स्थित पार्टी कार्यालय से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ता हाथों में लाल झंडा लेकर सड़कों पर उतरे. प्रदर्शनकारी सरकार से महंगाई पर रोक लगाने, बेरोजगारों को नौकरी देने, किसानों को मुफ्त बिजली मुहैया कराने और मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने की मांग कर रहे थे. इसके साथ ही जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. यह आक्रोश मार्च शहर के पटेल चौक, कटरा बाजार और चांदनी चौक होते हुए कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पहुंचा और वहां प्रदर्शन में तब्दील हो गया.
जिला सचिव पर जानलेवा हमले में पुलिस की सुस्ती पर जताया रोष
प्रदर्शन के दौरान भाकपा (CPI) के राज्य परिषद सदस्य इरफान अहमद फातमी ने कहा कि यह आंदोलन एआईवाईएफ (AIYF), किसान सभा और मजदूर यूनियन के संयुक्त बैनर तले किया जा रहा है. उन्होंने पार्टी के जिला सचिव प्रभात कुमार पांडेय पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस के सुस्त रवैए पर गहरा रोष जताया. भाकपा नेता ने कहा कि जिले में पिछले एक पखवाड़े के भीतर आधा दर्जन लोगों की हत्याएं हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब से सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री का पद संभाला है, राज्य में अपराधी बेलगाम हो चुके हैं और जनता को सिर्फ झूठे सपने दिखाए जा रहे हैं.
भूमिहीनों को जमीन और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने की मांग
आंदोलन में शामिल ऑल इंडिया यूथ फेडरेशन (AIYF) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रौशन सिन्हा ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. किसानों की हालत बदतर है और मजदूरों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. कम्युनिस्ट नेताओं ने सरकार से मांग की कि सभी भूमिहीनों को पांच-पांच डिसमिल जमीन दी जाए, बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिले और रोजगार न मिलने तक उन्हें बेरोजगारी भत्ता दिया जाए. नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर इन मांगों पर जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
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