Sheikhpura News(प्रदीप कुमार): बिहार में लगातार बढ़ती जनसमस्याओं, बेलगाम अपराध और अफसरशाही के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने अब सीधे सड़क पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ने का शंखनाद कर दिया है. पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य सह शेखपुरा जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने आगामी आंदोलनों की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि राज्यव्यापी रणनीति के तहत शेखपुरा जिले में भी व्यापक जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा.
भीषण गर्मी के बीच छपरा में हुई राज्य परिषद की 2 दिवसीय बैठक
भाकपा (CPI) के जिला सचिव प्रभात कुमार पाण्डेय ने बताया कि वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक हालातों को देखते हुए छपरा स्थित पार्टी क्लब में राज्य परिषद की 2 दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी. प्रदेश में चल रही भीषण गर्मी के बावजूद इस दो दिवसीय सांगठनिक बैठक में राज्यभर से बड़ी संख्या में राज्य परिषद के सदस्य और शीर्ष पदाधिकारी शामिल हुए. बैठक के दौरान बिहार में तेजी से पैर पसारते अपराध, आम जनता से जुड़ी बुनियादी समस्याओं (बिजली, पानी, सड़क) की अनदेखी और पार्टी के संगठन विस्तार को लेकर बेहद गंभीर चर्चा की गई.
6 से 15 अगस्त तक चलेगा गांव-गांव और पांव-पांव पदयात्रा अभियान
राज्य परिषद की बैठक में आम जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है. जिला सचिव ने बताया कि आगामी 6 अगस्त से 15 अगस्त तक पूरे राज्य के साथ-साथ शेखपुरा के हर प्रखंड और पंचायत में गांव-गांव और पांव-पांव पदयात्रा अभियान चलाया जाएगा. इस पदयात्रा के माध्यम से पार्टी के कार्यकर्ता और नेता सीधे जमीन पर उतरेंगे और ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को चिन्हित करेंगे. गांव-गांव से मिली जनता की इन शिकायतों और फीडबैक के आधार पर ही सरकार के खिलाफ आगे के बड़े और निर्णायक आंदोलन की फाइनल स्क्रिप्ट तैयार की जाएगी.
25 मई को जिलाधिकारी कार्यालयों पर महाप्रदर्शन, पंचायत चुनाव पर भी नजर
प्रभात कुमार पाण्डेय ने बताया कि केवल पदयात्रा ही नहीं, बल्कि तात्कालिक मुद्दों को लेकर आने वाले सोमवार यानी 25 मई को पूरे बिहार के सभी जिला मुख्यालयों में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा. इस रणनीति के तहत शेखपुरा में भी पार्टी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर जिलाधिकारी (DM) कार्यालय का घेराव करेंगे और अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे.
इसके साथ ही, बैठक में आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर भी बेहद अहम फैसला लिया गया है. पार्टी ने तय किया है कि ग्रामीण स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए इस बार पंचायत चुनाव में पहले की तुलना में काफी अधिक संख्या में अपने मजबूत उम्मीदवारों को मैदान में उतारा जाएगा.
