Sheikhpura News : साइबर फ्रॉड के मामले में शेखपुरा जिला को देशभर में हॉटस्पॉट के रूप में चिंहित किया गया है. इसके आलोक में जिला प्रशासन की ओर से अवेयरनेस कार्यक्रम चलाया जायगा कि किसी भी भाई –बंधू के साथ साइबर फ्रॉड की घटना घटती है तो कहां पर कैसे और किस अधिकारी से संपर्क करना है. जिससे साइबर फ्रॉड का निवारण किया जा सके. इसके बारे में लोगों के बीच वृहद् तरीके से लोगों को जागरूक किया जायगा.
यह बातें डीएम शेखर आनंद ने जानकारी देते हुए कही. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से साइबर फ्रॉड की गतिविधियों में संलिप्त युवा इस कार्य को छोड़ दें. साइबर फ्रॉड के खिलाफ जिला पुलिस प्रशासन की ओर से सख्ती से निबटने की कारवाई की जायगी. उन्होंने इस तरह के कार्यों को छोड़ युवाओं को अपना एनर्जी प्रोडेक्टिव कार्य करने में लगाने की अपील की है. आठ से दस गांवों को हॉट स्पॉट के रूप में किया गया पहचान डीएम ने कहा कि साइबर फ्रॉड की घटनाओं पर नियन्त्रण को लेकर जिला पुलिस प्रशासन की ओर से करीब आठ से दस गांवों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है. इस पर नियन्त्रण को लेकर बेहद सख्ती से कारवाई की जायगी. इसकी रूप रेखा बना ली गई है. डाटा एकत्रित करने का कार्य चल रहा है. साइबर फ्रॉड की राशि के बंटवारे को अपहरण,हत्या की हो चुकी है वारदात साइबर फ्रॉड की अचानक बड़ी राशी हाथ लगने के बाद युवा अपराध के दलदल में फंस रहे हैं. शेखोपुरसराय प्रखंड के कई गांव के युवा साइबर अपराध से जुड़ चुके हैं. लेकिन, पांची गांव साइबर अपराधियों के गढ़ के रूप में अपनी पहचान बना चूका है. स्थानीय पुलिस के साथ ही कई राज्यों की पुलिस पांची गांव में साइबर अपराधियों की धड़पकड़ को लेकर छापेमारी करती रही है. अब तक इस गांव में दर्जन भर से अधिक बार साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी हो चुकी है. करीब तीन दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. साइबर अपराधियों को गिरफ्तार करने में दूसरे राज्य की पुलिस शामिल रही है. इसी तरह अरियरी प्रखंड के कसार पंचायत के बरसा गांव में साइबर फ्रॉड के मामले में रुपयों के बंटबारे में आपसी रंजिश में कन्हैया पंडित के 5 वर्षीय बेटे 'दीपांशु कुमार' का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी गई थी.क्योंकि कन्हैया ने ठगी के ये पैसे अपने साथियों को देने से मना कर दिया था. दीपांशु उसकी गला दबाकर हत्या कर उसके शव को नवादा जिले के कौआकोल पहाड़ी के घने सुम्भा जंगल में ले जाकर फेंक दिया था. इस मामले में पुलिस आधा दर्जन अपराधियों को जेल भेज चुकी है. लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी सोशल मिडिया पर विभिन्न कम्पनियों के नाम पर लोंन दिलाने, एजेंसी से नामी गिरामी कम्पनियों के प्रोडक्ट सप्लाई करने,चेहरा पहचानों इनाम पाओ, लॉटरी फंसने, सहित कई हीरो,हिरोइन से मिलाने जैसे लुभावने लालच के जरिए अपने शिकंजे में फंसाकर ऑनलाइन ठगी का धंधा बड़े पैमाने पर होता रहा है.
