राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता उन्मुखी पर परिचर्चा एवं कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का विषय "नई उम्मीद : A BETTER TOMMOROW" था.
इस व्याख्यान के प्रमुख वक्ता प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के बी. के. संजय एवं उनके टीम सदस्य उपस्थित थे. कार्यक्रम का उद्घोष मुख्य अतिथियों का स्वागत इंडक्शन प्रोग्राम के कॉर्डिनेटर डॉ. बी. एन. मिश्रा के द्वारा किया गया एवं पवित्र तुलसी में पानी डालकर यह दर्शाया गया कि मन की शुद्धता सबसे बड़ी शुद्धता है.
नवप्रवेशित छात्रों को तनाव और अवसाद से अवगत कराना
यह कार्यक्रम नवप्रवेशित छात्र एवं छात्राओं के लिए आयोजित किया गया, जिन्हें तनाव, अवसाद, चिंता, नशामुक्ति इत्यादि विषयों से अवगत कराया गया. मुख्य वक्ता बी. के. संजय ने विभिन्न प्रकार के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे विद्यार्थी सकारात्मक एवं नकारात्मक विचारों का अवलोकन कर तनावमुक्त रह सकते हैं.
स्वस्थ तन और मन के लिए मानसिक प्रबंधन जरूरी
बी. के. संजय ने छात्रों एवं पदाधिकारियों से अपील की है कि मनोवैज्ञानिक प्रबंधन का कौशल अपनाना चाहिए. ससमय पौष्टिक आहार, संतुलित नींद, योग, व्यायाम ही वैसे तकनीक हैं जिससे मन एवं तन को स्वस्थ रखा जा सकता है. आधुनिक जीवनशैली लोगों को बहुत सारे विकारों से ग्रसित कर रही है, और इससे बचाव दवाइयां नहीं हैं.
कार्यक्रम में उपस्थित प्राध्यापकगण एवं अन्य गणमान्य
इस कार्यक्रम में संस्थान के सभी प्राध्यापकगण-डॉ. राहुल, कमलकांत, अभिषेक कुमार, विनय कुमार, इंडक्शन प्रोग्राम के कॉर्डिनेटर डॉ. बी. एन. मिश्रा, डीन स्टूडेंट वेलफेयर अध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार एवं मानसिक स्वास्थ्य के नोडल अधिकारी डॉ. अवधेश कुमार सुमन-सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं छात्राएं उपस्थित हुए.
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