Sheikhpura Encroachment News (उमेश): बिहार के शेखपुरा जिले के अंतर्गत बरबीघा नगर परिषद क्षेत्र में बेकाबू हो चुकी जाम की समस्या से आम जनता को निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. बरबीघा में जल्द ही बड़े पैमाने पर ‘अतिक्रमण हटाओ अभियान’ शुरू होने जा रहा है. इसे लेकर जिलाधिकारी (DM) शेखर आनंद ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी रमन कुमार और एसडीओ (SDO) प्रियंका कुमारी को ऑन-द-स्पॉट कड़े निर्देश जारी किए हैं. गुरुवार की शाम जिलाधिकारी ने स्वयं बरबीघा के सबसे ज्यादा जाम प्रभावित इलाकों का सघन भौतिक निरीक्षण किया, जिससे लापरवाह अधिकारियों और अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया.
श्रीबाबू चौक से थाना चौक तक पैदल घूमे डीएम, अव्यवस्थित बसों-ट्रकों को देख भड़के
प्रशासनिक अमले के साथ सड़कों पर उतरे डीएम शेखर आनंद सबसे पहले श्रीबाबू चौक पहुंचे. वहां मुख्य सड़क किनारे बेहद अव्यवस्थित तरीके से खड़ी बसों और ट्रकों को देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की. डीएम ने कार्यपालक पदाधिकारी और स्थानीय यातायात थाना प्रभारी को व्यवस्था बनाए रखने में ढिलाई बरतने पर जमकर फटकार लगाई और तत्काल कार्रवाई करने को कहा. इसके बाद वे मिशन चौक, पुरानी शहर और थाना चौक की ओर बढ़े, जहां उन्होंने रोज लगने वाले भीषण जाम के मुख्य कारणों (फुटपाथी दुकानों, फल और सब्जी विक्रेताओं) की जमीनी हकीकत जानी.
गंभीर संकट: 40 फीट चौड़ी मुख्य सड़क अतिक्रमण के कारण सिमटकर रह गई महज 6 फीट
इस निरीक्षण के दौरान जो सबसे डरावनी तस्वीर सामने आई, वह थाना चौक की थी. बरबीघा के पुरानी शहर और थाना चौक पर अतिक्रमण का जाल इस कदर फैल चुका है कि करीब 40 फीट चौड़ी मुख्य सड़क सिमटकर महज 6 से 7 फीट की पतली गली जैसी रह गई है. इसके कारण शहर में चौबीसों घंटे रेंगते हुए ट्रैफिक की स्थिति बनी रहती है. स्कूली बच्चों की गाड़ियां और आपातकालीन एम्बुलेंस भी यहाँ रोजाना घंटों जाम में फंसने को मजबूर हो रहे हैं.
दुकानदारों का आरोप: नगर परिषद प्रतिदिन वसूलती है तहबाजारी शुल्क, पर नहीं देती सुविधाएं
दूसरी ओर, इस प्रस्तावित बड़े अभियान की खबर सुनते ही फुटपाथी दुकानदारों और फल-सब्जी विक्रेताओं के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं. स्थानीय दुकानदार चंदन कुमार, प्रकाश कुमार और धीरज कुमार ने नगर परिषद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे हर दिन ठेला लगाने के एवज में बकायदा नगर परिषद को शुल्क का भुगतान करते हैं. बावजूद इसके प्रशासन उन्हें कोई स्थायी जगह नहीं दे रहा है. दुकानदारों का कहना है कि कोरोना काल के बाद बाहर से लौटकर वे किसी तरह ठेला लगाकर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं. अभियान से सैकड़ों परिवारों के सामने भुखमरी की नौबत आ जाएगी.
डीएम का मानवीय चेहरा: तत्काल ‘वेंडर जोन’ विकसित करने का दिया निर्देश
दुकानदारों की इस जायज समस्या को देखते हुए डीएम शेखर आनंद ने संवेदनशीलता दिखाई. उन्होंने कार्यपालक पदाधिकारी को सख्त लहजे में निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने के साथ-साथ इन छोटे दुकानदारों के लिए जल्द से जल्द एक व्यवस्थित ‘वेंडर जोन’ (Vendor Zone) का निर्माण किया जाए, ताकि उनकी आजीविका भी सुरक्षित रहे और शहर भी पूरी तरह जाम मुक्त हो सके.
निरीक्षण के दौरान डीएम डिलक्स शौचालय भी पहुंचे, जहां कथित रूप से हो रही अवैध वसूली की शिकायत पर उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से कड़ी पूछताछ की. इसके साथ ही उन्होंने शहर में चल रहे पीएनजी गैस कनेक्शन कार्य, रेफरल अस्पताल बरबीघा में निर्माणाधीन लिफ्ट के काम और कचरा प्रबंधन (WMP) की भी विस्तृत समीक्षा की. डीएम के इस कड़े तेवर से साफ है कि अगले कुछ दिनों में बरबीघा की सूरत बदलने वाली है.
