शेखपुरा जिले सितंबर माह में अब तक बहुत कम बारिश हुई है. मौसम विभाग में सप्ताहांत से माॅनसून के वापस होने की भविष्यवाणी की है. सितंबर माह में जिले में औसतन पिछले 10 वर्षों में 205.2 मिलीमीटर बारिश हुई है. लेकिन इस साल 15 दिनों में अभी तक मात्र 121.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा सकी है.
तेज धूप से धान की फसल को हो रहा नुकसान
पिछले दो दिनों के कड़ाके की धूप के बाद और तापमान के 35 डिग्री ऊपर चले जाने के बाद मंगलवार को जिले के कई क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई. हालांकि 10 सितंबर को औसतन 27 मिली मीटर बारिश दर्ज हुई. जून माह में शेखपुरा में जहां मात्र 49 मिली मीटर बारिश दर्ज की गई थी. वहीं जुलाई माह में सबसे ज्यादा 191 मिली मीटर बारिश दर्ज किया गया है. जबकि अगस्त माह में शेखपुरा में मात्र 133 मिली मीटर बारिश जो पिछले कई वर्षों में सबसे कम बारिश बताई जा रही है.
बरसाती नदियों में नहीं है पानी, पटवन का संकट
लेकिन फ़िर से वही स्थिति देखने को मिल रही है. जिले के बरसाती नदी मुख्य रूप से टाटी और रतोईया आदि के पेट अभी भी खाली है. नदी के बीचो-बीच लंबे-लंबे घास देखे जा सकते हैं. बारिश की कमी के कारण लोगों को धान के फसल को बचाने की चुनौती सामने आन पड़ी है. दूसरी ओर जिला के घाटकुसुंभा प्रखंड क्षेत्र गंगा के उफान के बाद हरोहर नदी का जल स्तर बढ़ने से खेतों में लगे हुए धान और मक्का की फसल को बर्बाद करते हुए लोगों को घरों में कैद कर दिया.
