Sheikhpura Tenant Verification : शेखपुरा पुलिस ने जिले में बढ़ते साइबर अपराध और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब जिले में किसी भी मकान मालिक को नया किरायेदार रखने से पहले संबंधित थाने से उसका पुलिस सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराना अनिवार्य कर दिया गया है. इस नए नियम को लेकर पुलिस प्रशासन ने सभी थानों को सख्त दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं.
अपराधियों की पहचान के लिए पुलिस का नया अभियान
एसडीपीओ राकेश कुमार ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में रहने वाले बाहरी लोगों का एक प्रामाणिक रिकॉर्ड तैयार करना है. इससे अपराधियों की पहचान करने और उन पर कड़ी निगरानी रखने में पुलिस को काफी आसानी होगी. सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है.
साइबर क्राइम को लेकर अलर्ट मोड पर प्रशासन
शेखपुरा जिला पिछले काफी समय से साइबर अपराध के मामलों को लेकर लगातार चर्चा के केंद्र में रहा है. इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अपराध नियंत्रण के लिए अब बहुआयामी रणनीति पर काम कर रही है. किरायेदारों का शत-प्रतिशत पुलिस सत्यापन इस दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम साबित होगा.
बाहरी लोगों के आवागमन पर रहेगी पैनी नजर
आंकड़ों के अनुसार शेखपुरा शहरी क्षेत्र में छह हजार से अधिक आवासीय मकान मौजूद हैं. इसके अलावा पिछले कुछ वर्षों में शहर में होटल, लॉज और मैरेज हॉल की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है. इन जगहों पर बाहरी लोगों का आना-जाना लगातार लगा रहता है जिससे पुलिस के लिए उन पर नजर रखना चुनौतीपूर्ण होता है.
मकान मालिकों से पुलिस प्रशासन की खास अपील
पुलिस का मानना है कि इस सत्यापन व्यवस्था के सख्ती से लागू होने पर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करना बहुत आसान हो जाएगा. पुलिस प्रशासन ने जिले के सभी मकान मालिकों से खास अपील की है कि वे बिना सत्यापन के किसी भी अजनबी को अपना मकान किराये पर न दें. प्रशासन का यह कदम जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.
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