Sheikhpura Weather Update : शेखपुरा में सुबह से हो रही बूंदाबांदी के कारण मौसम काफी सुहावना हो गया है. हल्की बूंदाबांदी से खेतों में लगाए गए धान के मुरझा रहे फसल को भी नई जान मिल गई है. इससे पहले जून और जुलाई माह में मानसून सूखा रहा है. जून माह में जहां मात्र 49 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी, वहीं जुलाई माह में सर्वाधिक 191 मिलीमीटर बारिश तेज की गई.
बारिश के अभाव में अभी तक शेखपुरा के नदी में पानी नहीं आया है. नदी के पेट में अभी भी बड़े-बड़े घास देखे जा रहे हैं. मानसून के बेरुखी के कारण शेखपुरा धीरे-धीरे सुखाड़ की ओर बढ़ रहा है. लेकिन पिछले दो दिनों से मानसून की सक्रियता एक बार फिर से बढ़ने से लोगों के मुरझाए चेहरों के साथ-साथ धान के मुरझा रहे हैं. पौधों को भी राहत मिली है.
पहली अगस्त को जिला मुख्यालय में झमाझम बारिश देखने को मिली थी. लेकिन एक दिन के विश्राम के बाद सोमवार को सवेरे से बूंदाबांदी देखने को मिली. सवेरे बूंदाबांदी के कारण लोगों को कुछ परेशानी का भी सामना करना पड़ा. खासकर स्कूल, कॉलेज, कार्यालय, न्यायालय, बैंक आदि जाने वालों को बारिश से बच बचाकर घरों से निकलना पड़ा. रास्ते में भी उन्हें बूंदाबांदी ने परेशान किया.
नगर क्षेत्र में भी फुटपाथ की दुकानदारों को इस मौसम में हुई बारिश से मायूसी हुई है. लेकिन किसी भी रूप में होने वाली बारिश का लोग बेसब्री से स्वागत कर रहे हैं. शेखपुरा में इस साल 28,000 हेक्टेयर भूभाग से ज्यादा प्रधान लगाने का लक्ष्य रखा गया है. लेकिन धान के रोपने का किया काम अभी तक मात्र 34% भूभाग पर भी हो सका है.
