Shiekhpura News: अरियरी प्रखंड क्षेत्र में नवादा सीमा के तरनपुरा गांव के समीप करीब आठ दिनों से बंद पड़ी सुमका-वर्षा नहर को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद के निर्देश पर शनिवार को तत्काल चालू करा दिया गया. प्रभात खबर ने शनिवार के अंक में नहर बंद रहने और किसानों की परेशानी से जुड़ी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था. खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नहर का फाटक खुलवाने और किसानों की समस्या का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया.
नहर बंद रहने के कारण अरियरी प्रखंड के करीब 52 गांवों के किसान परेशान थे. धान की फसल को समय पर सिंचाई का पानी नहीं मिलने से किसानों की चिंता बढ़ गयी थी. नहर चालू होने के बाद हजारों बीघा में लगी धान की फसल को सिंचाई का लाभ मिलने की उम्मीद है.
एसडीएम को तरनपुरा पहुंचकर नहर खुलवाने का निर्देश
डीएम शेखर आनंद ने एसडीएम प्रियंका कुमारी को तरनपुरा पहुंचकर नहर को अविलंब खुलवाने का निर्देश दिया. इसके बाद नहर का शटर खोलकर पानी का प्रवाह शुरू कराया गया. मौके पर एसडीएम और एसडीपीओ की मौजूदगी में नहर का फाटक खुलवाया गया.
रालोमो जिलाध्यक्ष ने भी दिया था आवेदन
नहर को चालू कराने को लेकर रालोमो के जिला अध्यक्ष ने भी डीएम को लिखित आवेदन दिया था. किसानों की समस्या और फसल को हो रहे नुकसान की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने मामले में त्वरित कार्रवाई की.
52 गांवों के किसानों को मिली राहत
नहर में पानी आने के बाद अरियरी प्रखंड के करीब 52 गांवों के किसानों को राहत मिली है. नहर के माध्यम से हजारों बीघा में लगी धान की फसल को सिंचाई का पानी मिलने की उम्मीद है. नहर खुलने के बाद किसानों ने राहत जताते हुए डीएम शेखर आनंद की त्वरित कार्रवाई की सराहना की.
धमकी और अभद्र व्यवहार के कारण नहीं खुल पा रहा था फाटक
बताया गया कि नहर खोलने के लिए ग्रामीण कई दिनों से प्रयास कर रहे थे. लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा धमकी और अभद्र व्यवहार किए जाने के कारण नहर का फाटक नहीं खुल पा रहा था. प्रशासन की कार्रवाई के बाद किसानों ने राहत जतायी है.
