शेखपुरा. प्रधानमंत्री पोषण (MDM) योजना के तहत स्कूली बच्चों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने केंद्रीय रसोईघर का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने जिले में संचालित सुप्रभात एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी की व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया.
नीरपुर स्थित केंद्रीय रसोईघर का लिया जायजा
निरीक्षण की शुरुआत नीरपुर स्थित केंद्रीय रसोईघर से हुई. जिला पदाधिकारी ने रसोईघर परिसर का भ्रमण कर वहां की कार्यप्रणाली का अवलोकन किया. उन्होंने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया के साथ परिसर में उपलब्ध विभिन्न व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली.
डीएम ने तैयार भोजन की गुणवत्ता परखी
जिला पदाधिकारी ने स्वयं रसोईघर में तैयार चावल और चना-आलू के छोले का स्वाद चखा और भोजन की गुणवत्ता को परखा. उन्होंने परिसर में साफ-सफाई, खाना बनाने वाले कर्मियों की स्वच्छता और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों का भी निरीक्षण किया. सीसीटीवी के माध्यम से भोजन तैयार करने और वितरण की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
113 विद्यालयों में होती है मध्याह्न भोजन की आपूर्ति
रसोईघर में लगे बॉयलर सिस्टम की कार्यक्षमता और खाद्यान्न के रखरखाव की स्थिति देखने के लिए जिला पदाधिकारी ने स्टॉक पंजी की बारीकी से जांच की. जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि इस केंद्रीय रसोईघर से शेखपुरा जिले के कुल 113 विद्यालयों में प्रतिदिन मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की जाती है.
विद्यालय और सप्लाई चेन की नियमित जांच का निर्देश
मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हो, इसके लिए जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे विद्यालयों और सप्लाई चेन की नियमित जांच करें. उन्होंने भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने को कहा. इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के कई वरीय अधिकारी और कार्य एजेंसी के कर्मी मौजूद रहे.
