डोर-टू-डोर पहुंचे शेखपुरा डीएम, बोले- अब मजदूरी के लिए पलायन नहीं; गांव में ही मिलेंगे रोजगार के अवसर

शेखपुरा डीएम शेखर आनंद ने चकंदरा प्रखंड के रविदास टोला का गहन निरीक्षण किया. उन्होंने ग्रामीणों को ईंट-भट्ठों पर पलायन रोकने और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया. स्वरोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए.

जिला प्रशासन को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और ग्रामीण समस्याओं के ऑन-द-स्पॉट निस्तारण के उद्देश्य से डीएम शेखर आनंद ने चेवाड़ा प्रखंड की चकंदरा पंचायत स्थित रविदास टोला का गहन निरीक्षण किया.

निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ टोले के प्रत्येक घर का रुख किया और डोर-टू-डोर सर्वे कर वहां व्याप्त मूलभूत समस्याओं को चिन्हित करने का संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया.

निरीक्षण के क्रम में जब यह बात सामने आई कि रविदास टोला के अधिकांश लोग रोजगार के सिलसिले में ईंट-भट्ठों पर काम करने बाहर चले जाते हैं, तो डीएम ने इस पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा, "आप लोगों को ईंट-भट्ठों पर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी. हम जिला प्रशासन के माध्यम से यहीं स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएंगे, ताकि आपके बच्चों को यहीं रहकर अच्छी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके."

कृषि फार्म खुलवाने व नई दुकानें स्थापित कराने का निर्देश

स्वरोजगार एवं स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से डीएम ने ग्रामीणों के लिए कृषि फार्म खुलवाने तथा नई दुकानें स्थापित कराने के भी निर्देश दिए. वहां की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए जीविका समूह से जोड़ने और महिलाओं एवं युवतियों के लिए सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र शुरू करने का आदेश दिया. इसके अलावा बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने हेतु उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए.

गांव के भौतिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने हेतु उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे टोले में पक्की नाली व गली का शीघ्र निर्माण कराया जाए. जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए और नए राशन कार्ड बनाने तथा छूटे हुए सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई हो. उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ पहुंचाने के लिए गांव में सहयोग शिविर आयोजित किया जाए और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार हो.

युवाओं ने रनिंग ट्रैक तो बच्चियों ने पिंक बस चलवाने की रखी मांग

निरीक्षण के दौरान स्थानीय युवाओं एवं लड़कियों ने डीएम के समक्ष अपनी आकांक्षाएं और मांगें रखीं, जिस पर डीएम ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. गांव की रूबी कुमारी और पिंकी कुमारी ने डीएम से कहा कि वे बिहार पुलिस में भर्ती होना चाहती हैं और इसके लिए उन्होंने गांव में फिटनेस व दौड़ हेतु रनिंग ट्रैक बनवाने का अनुरोध किया.

राजेश कुमार ने अपने और साथी युवाओं के लिए स्वरोजगार हेतु सहायता व व्यवसाय शुरू करवाने की मांग की. वहीं गांव की छोटी बच्चियों ने आवागमन की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पिंक बस चलवाने का आग्रह किया.

इस मौके पर जिला कल्याण पदाधिकारी, बीडीओ, सीओ, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, ग्रामीण आवास सहायक के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे.

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By Satyendra Kumar

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