शेखपुरा में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रबंधन एवं बचाव को लेकर सभी विभागों के अधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता डीएम शेखर आनंद ने की.
इस बैठक में जिला सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार के साथ एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी श्याम सुंदर कुमार शामिल हुए.
बैठक में डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए आवश्यक तैयारियों पर बल दिया गया. इसके साथ ही जिले में डेंगू पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा समुदाय के हित में किए जा रहे कार्यों पर भी चर्चा की गई.
संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होती हैं यह बीमारियां
सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया बीमारी संक्रमित एडिस मच्छर के काटने से होती है. इसलिए, अगर आप दिन में भी सोते हैं तो अनिवार्य रूप से मच्छरदानी लगाएं. पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें.
घर एवं सभी कमरों को साफ-सुथरा एवं हवादार बनाए रखें. इसके साथ ही आसपास भी साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें और अपने पड़ोस में रहने वाले अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें.
दरअसल, डेंगू व चिकनगुनिया के शुरुआती लक्षण बुखार से ही शुरू होते हैं, जिसके कारण लोगों को बीमारी की सही पहचान करने में काफी परेशानी होती है. इसलिए, लक्षण दिखते ही तुरंत नजदीकी अस्पताल में जांच कराने की जरूरत है.
लक्षण दिखते ही तुरंत कराएं इलाज, अस्पतालों में समुचित व्यवस्था उपलब्ध
जिला वेक्टर जनित-रोग नियंत्रण पदाधिकारी सह अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि लक्षण दिखते ही मरीजों को तुरंत जांच करानी चाहिए और जांच रिपोर्ट के अनुसार इलाज कराना चाहिए, ताकि बड़ी परेशानियों का सामना न करना पड़े और समय पर इलाज शुरू हो सके.
इलाज के लिए सदर अस्पताल में 10 बेड एवं बरबीघा रेफरल अस्पताल में 10 बेड के साथ जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में 2-2 बेड की रिजर्व व्यवस्था उपलब्ध है. वहीं, जांच के लिए जिले में डेंगू NS1 एंटीजन किट एवं डेंगू NS1 एलिजा किट पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है.
क्या हैं डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण
तेज बुखार, बदन, सिर एवं जोड़ों में दर्द तथा आंखों के पीछे दर्द होना, त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते के निशान पड़ना, और नाक, मसूड़ों से या उल्टी के साथ रक्तस्राव होना इसके मुख्य लक्षण हैं.
बचाव के उपाय
- दिन में भी सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें.
- पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें अथवा मच्छर भगाने वाली दवा/क्रीम का उपयोग करें.
- टूटे-फूटे बर्तनों, कूलर, एसी, फ्रिज की पानी निकासी ट्रे, पानी की टंकी, गमले, फूलदान, घर के अंदर एवं आसपास पानी जमा न होने दें.
- जमे हुए पानी पर मिट्टी का तेल डालें अथवा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें.
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