Sheikhpura News: 'विश्व स्तनपान सप्ताह' के तहत बुधवार को शेखपुरा सदर अस्पताल परिसर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) के सभागार में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने बड़ी संख्या में पहुंची धात्री एवं गर्भवती माताओं को स्तनपान के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी.
मां का पहला पीला गाढ़ा दूध शिशु के लिए कवच समान: अस्पताल प्रबंधक
सदर अस्पताल के प्रबंधक धीरज कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और बेहतर पोषण के लिए माताओं को जागरूक करना है.
कार्यक्रम में डॉक्टरों ने माताओं को निम्नलिखित महत्वपूर्ण सलाह दी:
- पहला पीला गाढ़ा दूध: प्रसव के तुरंत बाद मां के स्तन से निकलने वाला पीला गाढ़ा दूध नवजात के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को बढ़ाता है और उसके शारीरिक व मानसिक विकास में बेहद सहायक होता है.
- 6 महीने तक केवल स्तनपान: शिशु के जन्म के शुरुआती 6 महीनों तक उसे केवल मां का दूध ही देना चाहिए. इस दौरान बच्चे को पानी, घुट्टी या कोई भी बाहरी खाद्य पदार्थ बिल्कुल न दें. मां का दूध शिशु का संपूर्ण और सर्वोत्तम आहार है.
धात्री माताओं को पौष्टिक आहार लेने की सलाह
चिकित्सकों ने शिशु की देखभाल के साथ-साथ गर्भवती और धात्री माताओं के स्वयं के पोषण पर भी विशेष बल दिया. दूध पिलाने वाली माताओं को अपने दैनिक भोजन में प्रोटीन, रेशेदार खाद्य पदार्थ और हरी-पत्तेदार सब्जियों की मात्रा बढ़ाने तथा पौष्टिक आहार लेने की सलाह दी गई. समारोह में उपस्थित महिलाओं ने स्वास्थ्य कर्मियों को आश्वस्त किया कि वे इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने आसपास के क्षेत्र की अन्य माताओं के साथ भी साझा करेंगी.
Alsoo Read: शेखपुरा सदर अस्पताल में बुधवार को मेदांता के हृदय रोग विशेषज्ञ की ओपीडी, मरीजों को मिलेगा इलाज परामर्श
