Bihar Politics: '2025 में भी बिहार से विपक्षियों का होगा सुपड़ा साफ', मंत्री श्रवण कुमार का बड़ा दावा

Bihar Politics: बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अगले साल राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन का हाल और खराब हो जाएगा.

Bihar Politics: बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार रविवार को शेखपुरा के टाउन हॉल में आयोजित जदयू के कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे. मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि 2024 उपचुनाव के सेमीफाइनल में जिस प्रकार विपक्षियों का सुपड़ा साफ हुआ है, उसी प्रकार 2025 के फाइनल में भी बिहार में विपक्षी दलों की स्थिति होगी. एनडीए 225 से अधिक सीटें लाकर ऐतिहासिक सफलता हासिल करेगी. बिहार की जनता सीएम नीतीश और पीएम मोदी के कार्यों पर विश्वास करती है. बिहार विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.

आज बिहार अपनी पहचान रखता है- कुमार

मंत्री ने आगे कहा कि 2005 के पहले का बिहार और आज के बिहार में जमीन आसमान का अंतर है. 2005 के पहले का बिहार नरसंहारों के दौर से गुजरता था और आज का बिहार निरंतर विकास के नए आयामों को लेकर अपनी पहचान रखता है. समाज के हर वर्ग के साथ बिहार का हर क्षेत्र विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.

नीतीश कुमार के काम गिनाए

श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के सबसे बड़े समाजवादी नेता है जबकि, कुछ समाजवादी कहलाने वाले नेता अब परिवारवादी हो गए हैं. उन्होंने कहा कि बिहार में जातीय एवं आर्थिक गणना कराई गई, जिसमें पता चला कि 94 लाख परिवार के पास ना तो रोजगार है और ना ही रहने की जमीन है. इन परिवारों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा दो-दो लाख रुपए की राशि दी जा रही है .

उन्होंने कहा कि अब यह गणना राष्ट्रीय स्तर पर भी किए जाने की मांग की जाएगी. इसके अलावा उन्होंने जीविका को लेकर उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ड्रीम प्रोजेक्ट है. 10 लाख 63 हजार जीविका समूह बनाए गए, जिसके तहत एक करोड़ 31 लाख परिवार तक पहुंच कर जीविका के तहत उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान किये जा रहे हैं.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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