शेखपुरा : बरबीघा में महिला चेन स्नेचिंग गिरोह का खुलासा, ई-रिक्शा में बैठकर ऐसे उड़ाती थीं सोने की चेन

शेखपुरा जिले के बरबीघा में महिला चेन स्नेचिंग गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. ई-रिक्शा या टेंपो में सवार होकर ये महिलाएं लोगों को बातों में उलझाकर उनकी सोने की चेन उड़ा देती थीं. दो सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद गिरोह के आधा दर्जन महिलाओं के काम करने का खुलासा हुआ है.

Barbigha Chain Snatching Gang : शेखपुरा जिले के बरबीघा नगर क्षेत्र में रविवार की संध्या चेन स्नेचिंग गिरोह के दो महिला सदस्यों के पकड़े जाने के बाद बड़ा खुलासा हुआ है. जानकारी के अनुसार गिरोह में लगभग आधा दर्जन महिलाएं काम करती हैं.

ये शातिर महिलाएं नालंदा, नवादा, शेखपुरा, जमुई, पटना आदि जिलों में चेन स्नेचिंग की घटना को अंजाम देती हैं. ये सभी नालंदा जिला के चंडी थाना क्षेत्र अंतर्गत मौसिमपुर गांव की रहने वाली बताई गई हैं.

बरबीघा में चेन स्नेचर गिरोह के दो महिला सदस्यों के पकड़े जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिकायतों की झड़ी लग गई है. सोमवार को अलग-अलग जिले से लोग शिकायत लेकर बरबीघा के मिशन थाना पहुंचे. पकड़ी गई दोनों महिलाएं चोरी के मामले में पूर्व में भी जेल जा चुकी हैं.

वायरल वीडियो के बाद सामने आईं अन्य पीड़ित महिलाएं

ग़ौरतलब हो कि रविवार को मिशन चौक निवासी राकेश कुमार की पत्नी सोनी देवी ने सबसे पहले दोनों महिलाओं को पकड़ा था. दोनों सोनी देवी के गले से चेन काटने का प्रयास करते हुए पकड़ी गईं. घटना का वीडियो वायरल हुआ तो चार अन्य शिकायतें भी सामने आईं.

इसमें से शेखपुरा जिला के ही मिर्जापुर गांव की रहने वाली रौशन कुमार की पत्नी सुष्मिता कुमारी ने बताया कि बीते 18 जुलाई को बरबीघा थाना चौक पर इसी ग्रुप के द्वारा उनका 10 ग्राम का सोने का मंगलसूत्र गले से निकाल लिया गया.

इसी तरह वीडियो देखकर पटना से लेकर बेलछी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलछी गांव की रानी कुमारी ने बताया कि उनके गले से भी 16 ग्राम सोने का चेन महिला सदस्यों के द्वारा उड़ा लिया गया था. घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ लेकिन महिलाएं पकड़ी नहीं गई थीं.

घटना को हरनौत में अंजाम दिया गया था. इसी तरह नालंदा जिला के चेरो गांव निवासी सोनाली कुमारी ने बताया कि बीते 1 मई को बरबीघा थाना चौक पर उनके गले से भी 20 ग्राम का सोने का चेन इन्हीं महिला गिरोह के द्वारा उड़ा लिया गया था.

वारदात को अंजाम देने का अनोखा और शातिर पैटर्न

पीड़ित महिलाओं के अनुसार घटना का पैटर्न बिल्कुल एक जैसा प्रतीत होता है. दरअसल गिरोह की सभी महिलाएं गले में सोने का चेन पहनने वाली किसी महिला की तलाश करती थीं. फिर उनका पीछा करके ई-रिक्शा या टेंपो पर एक साथ बैठ जाती थीं.

इसी दौरान सामान गिराने या पैर पर पैर चढ़ाने का विवाद करते हुए अपने शिकार को उलझा कर उनके गले से सोने का चेन उड़ा देती थीं.

पकड़ी गई महिलाओं का आपराधिक इतिहास

रविवार को आम पब्लिक द्वारा जिन दो महिलाओं को पकड़ा गया, उनकी पहचान नालंदा जिला के चंडी थाना क्षेत्र के मौसिमपुर गांव निवासी गोरे केवट की पत्नी अंजू देवी उर्फ अंजलि देवी जबकि इसी गांव के गरीब न केवट की पत्नी कविता देवी के रूप में की गई है.

अंजू देवी के ऊपर बिहारशरीफ थाना में कांड संख्या 539/21 दर्ज है. चोरी के मामले में वह जेल जा चुकी हैं. इसी तरह कविता देवी के ऊपर भी वारिसलीगंज थाना में कांड संख्या 291/26 दर्ज है. एक महीने तक जेल में रहने के बाद कविता देवी हाल ही में छूटकर बाहर आई हैं.

थानाध्यक्ष का बयान और दोनों आरोपियों को जेल भेजा जाना

उधर मामले को लेकर मिशन थानाध्यक्ष आदित्य रंजन ने बताया कि सोनी देवी के लिखित आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया है.

वहीं मामले में अन्य पीड़िताओं को सोनी देवी की प्राथमिकी में ही गवाह के तौर पर शामिल कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे पकड़ी गई महिलाओं की संपत्ति की जांच के लिए विभाग को पत्र भी लिखेंगे.

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By Umesh Kumar

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