महत्वाकांक्षी योजना को नहीं बचाया जा सका
मटोखर दह पर मनरेगा के 1200 पौधे सूखने का मामला
शेखपुरा : ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टिकोण से खास महत्व रखने वाला मटोखर दह पर कभी मनरेगा का ड्रीम प्रोजेक्ट सुर्खियों में था. लेकिन आज उस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए लगाये गये 12 सौ पौधे सूख गये.
लेकिन लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी सरकार उक्त पौधों को बचा नहीं पायी. तब उससे जुड़ी एक खबर को प्रभात खबर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया. इस ड्रीम प्रोजेक्ट की बदहाली से जुड़ी खबर को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने तत्काल किसी भुगतान पर रोक लगा दिया है.
साथ ही,उक्त योजना का स्थल निरीक्षण कर अविलंब रिपोर्ट जमा करने को कहा है.
इस बाबत डीडीसी निरंजन कुमार झा ने जानकारी देते हुए कहा कि योजना वर्ष 2012-13 की है, जिसमें राशि आवंटन के अभाव के कारण वनपोषकों को मजदूरी का भुगतान नहीं हो सका और धीरे-धीरे वनपोषकों ने पौधों की देखभाल और पटवन को बंद कर दिया और सभी पौधे सूख गये. उन्होंने कहा कि अब मनरेगा में राशि की कमी नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त योजना में अब मजदूरों के भुगतान की गयी राशि की जांच करवायी जायेगी. साथ ही मरे हुए पौधों को नये सिरे से लगाये जायेंगे.
