आठ दिन पहले बाल बंदियों में हुई थी भिड़ंत, फिर भी नहीं बरती सावधानी
शेखपुरा : बिहार राज्य का पहला प्लेस ऑफ सेफ्टी ऑब्जर्वेशन होम से नौ बाल बंदियों के फरार होने की घटना ने जहां प्रशासनिक महकमे की नींद उड़ा दी है, वहीं इस घटना के लिए बाल बंदियों ने आठ दिन पहले ही ताना-बाना बुनने का काम किया था. आठ दिन पहले पर्यवेक्षण गृह में रह रहे […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
शेखपुरा : बिहार राज्य का पहला प्लेस ऑफ सेफ्टी ऑब्जर्वेशन होम से नौ बाल बंदियों के फरार होने की घटना ने जहां प्रशासनिक महकमे की नींद उड़ा दी है, वहीं इस घटना के लिए बाल बंदियों ने आठ दिन पहले ही ताना-बाना बुनने का काम किया था. आठ दिन पहले पर्यवेक्षण गृह में रह रहे बाल कैदियों के बीच जमकर मारपीट हुई थी. इस घटना के दौरान स्थिति पर नियंत्रण पाने पहुंचे एएसआई अनिल कुमार एवं अन्य सुरक्षाकर्मियों को भी बाल बंदियों ने खदेड़ दिया था.
स्थिति यह हो गयी थी कि बाल बंदियों के बीच हो झड़प के दौरान वहां तैनात सभी सुरक्षाकर्मी और अन्य लोग बाहर निकल आये थे. इस घटना को लेकर एएसआई ने एसपी दयाशंकर को लिखित सूचना दी थी. बड़ी बात यह है कि सोमवार की मध्य रात्रि घटित घटना में आठ दिन पहले हुई झड़प और विवाद को गंभीरता से नहीं लिया गया. ऐसी परिस्थिति में वहां सुरक्षा की लचर व्यवस्था का फायदा उठाकर शातिर बाल बंदी मौके से फरार हो गये. स्थानीय जानकारों के मुताबिक बाल कैदियों में कुछ ऐसे भी आपराधिक वारदातों के आरोपित थे जो सुरक्षा कर्मियों से भी अक्सर उलझ जाते थे.
ऐसी परिस्थिति में बिना किसी दरवाजे और ताले को क्षतिग्रस्त किये बाल कैदियों का फरार होना सुरक्षा में चूक के साथ-साथ कर्मियों की संलिप्तता को भी उजागर करता है. पुलिस और प्रशासनिक महकमा भी घटनाक्रम से जुड़कर बाल बंदियों की फरार होने के मामले की सघन जांच कर रहा है.
अधिकारियों को सुबह साढ़े छह बजे दी गयी भागने की खबर
इस घटना में बड़ी बात यह है कि प्लेस ऑफ सेफ्टी में बाल बंदियों की निगरानी और सुरक्षा के लिए वहां चार सैप जवान तैनात किये गये हैं. अधिकारियों के मुताबिक दो-दो घंटों की शिफ्ट में सैप जवान अपनी ड्यूटी का निर्वहन करते हैं, लेकिन सोमवार की मध्य रात्रि से घटना को अंजाम दिया गया तब वहां तैनात सुरक्षाकर्मी एवं अन्य कर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लग सकी. तकरीबन 6 घंटे बाद सुबह 6:30 बजे अधिकारियों को इस घटना की जानकारी दी गयी. सूचना मिलते ही मौके पर डीएम योगेंद्र सिंह, एसपी दयाशंकर, एसडीएम राकेश कुमार, एसडीपीओ अमित शरण, सहायक निदेशक बाल संरक्षण प्रमोद कुमार, टाउन थाना अध्यक्ष नवीन कुमार समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू कर दी.
बिजली कटने पर फरार हुए बंदी
बाल बंदियों के फरार होने की घटना का जांच कर रहे अधिकारियों के मुताबिक बिजली कटने के बाद बाल बंदियों ने वहां से फरार होने की घटना को अंजाम दिया है. उन्होंने बताया कि बिजली कटने के पहले रात्रि 1:00 बजे तक सीसीटीवी कैमरे में फुटेज को खंगाला गया. इस दौरान आम दिनों की तरह घटना की रात भी कई बाल बंदी जाग रहे थे. जिनकी गतिविधि सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, लेकिन रात्रि 1:00 बजे संभवतः बिजली कटने के बाद जैसे ही सीसीटीवी ने काम करना बंद किया. वैसे ही बाल बंदी अपने मंसूब को कामयाब करने की योजना में जुट गये. आखिरकार बाल कैदियों की टीम मौके से फरार होने में कामयाब रही.