शेखपुरा : चंद रुपये की खातिर सगे ने मासूम का अपहरण किया था. नगर क्षेत्र के रुपनी पोखर मोहल्ले से चार वर्षीय आर्यन उर्फ करकू का अपहरण किया गया था. पुलिस ने अपहरण करनेवाले को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मासूम को भी बरामद कर उसकी मां के हवाले कर दिया. अपहरण करनेवाला बच्चे की […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
शेखपुरा : चंद रुपये की खातिर सगे ने मासूम का अपहरण किया था. नगर क्षेत्र के रुपनी पोखर मोहल्ले से चार वर्षीय आर्यन उर्फ करकू का अपहरण किया गया था. पुलिस ने अपहरण करनेवाले को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने मासूम को भी बरामद कर उसकी मां के हवाले कर दिया. अपहरण करनेवाला बच्चे की मां का फूफा था. बच्चे की मां रुबी देवी ने हाल ही में जमीन बेची थी. अपहरणकर्ता सुनील राम ने पुलिस के सामने अपहरण में शामिल होने की बात स्वीकार की.
एसपी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी. एसपी ने बताया कि अपहरणकर्ता ने बच्चे को 30 अप्रैल को ही अगवा कर लिया था. पुलिस के डर से वह बच्चे को स्थान बदल-बदल कर रख रहा था. शेखपुरा से अपहरण कर बच्चे को पहले झाझा ले गया. झाझा के बाद उसे लखीसराय के कवैया थाना अंतर्गत एक घर में रखे हुए था. एक मई को थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद एसपी ने इस मामले में तुरंत एसडीपीओ अमित शरण के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया. टाउन थानाध्यक्ष नवीन कुमार, कुसुंभा ओपी प्रभारी मिथिलेश कुमार और अनुसूचित जाति के थानाध्यक्ष मिथिलेश कुमार को टीम में रखा गया था.
तीन बिंदुओं पर काम कर रही थी पुलिस : अपहरण की इस घटना को सुलझाने को लेकर पुलिस तीन बिंदुओं पर काम कर रही थी. एसपी दयाशंकर ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने संगठित गिरोह के हाथ होने की जांच की. दूसरा खुद कहीं चले जाने या भटक जाने की बात पर विचार किया गया. इसके बाद किसी नजदीक के व्यक्ति के हाथ होने पर जांच की गयी.
आंगनबाड़ी की एक बच्ची ने दी जानकारी : रुपनी पोखर के आंगनबाड़ी में नामांकिन एक बच्ची ने सुनील बिंद द्वारा करकू के अपहरण की लीड पुलिस को दी. उसके बताये अनुसार यह हुलिया सुनील का ही था. गिरफ्तारी के बाद सुनील को यहां लाने के बाद पुलिस ने उस बच्ची से उसकी पहचान करवा ली है. हालांकि, अपहृत बच्चा सुनील को देख कर रोने लगा.