शेखपुरा : चार वर्षीय करकु आर्यन को जिस प्रकार अपहरण का शिकार बनाया गया, उसके पीछे बड़े कारण बताए जा रहे हैं. परिजनों के मुताबिक करकु के नाना प्रकाश राम ने हाल के दिनों में ही एक जमीन बेची थी. जमीन बेचने के बाद परिवार के यहां नकदी होने की खबर के बाद अपहरण की […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
शेखपुरा : चार वर्षीय करकु आर्यन को जिस प्रकार अपहरण का शिकार बनाया गया, उसके पीछे बड़े कारण बताए जा रहे हैं. परिजनों के मुताबिक करकु के नाना प्रकाश राम ने हाल के दिनों में ही एक जमीन बेची थी. जमीन बेचने के बाद परिवार के यहां नकदी होने की खबर के बाद अपहरण की घटना को फिरौती के लिए कयास लगाए जा रहे हैं.
इधर, पिछले मार्च माह से पारिवारिक कलह के कारण पति का घर छोड़कर रूबी अपने एकलौते पुत्र करकु के साथ ननिहाल में रह रहा था. दरअसल अपहृत करकु लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना अंतर्गत सलेमपुर गांव निवासी दिलीप राम का पुत्र है. लेकिन पारिवारिक कलह के कारण दिलीप की विवाहिता अपने पुत्र को लेकर मार्च महीने में ही मायके चली आयी. इसके बाद से वह लगातार मायके में ही रह रही थी. इसी बीच सोमवार की सुबह हुई अपहरण की घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है.
घर में नकदी या पारिवारिक कलह है अपहरण का कारण:
तीन दिन पूर्व चार वर्षीय करकु के अपहरण की घटना को लेकर कई बिंदुओं पर पुलिस तहकीकात कर रही है. लेकिन इस घटना के बाद प्रमुख रूप से अपहृत के माता-पिता के बीच परिवारिक कलह और उसके ननिहाल में जमीन बिक्री के बाद मौजूद नकदी राशि को मुख्य कारण माना जा रहा है. ऐसी परिस्थिति में सवाल यह है कि फिरौती के लिए अगर अपहरण किया गया तो ढ़ाई लाख रुपये ही फिरौती क्यों मांगा जाता.
वहीं दूसरी ओर पारिवारिक कलह में बच्चे पर दावेदारी को लेकर घटना के कयास लगाए जा रहे हैं. बहरहाल अपहरण के इस घटना के कारण कुछ भी हो लेकिन पिछले तीन दिनों से चार साल के करकु आर्यन की सकुशल वापसी के लिए पूरा परिवार तड़प रहा है. अपने इकलौते बेटे की एक झलक पाने के लिए रूबी देवी चीत्कार मारकर रोने को विवश है.