उत्क्रमित मध्य विद्यालय अहियापुर में नामांकन व अन्य दस्तावेज खंगाले
शेखपुरा : करीब पांच साल पहले दिल्ली के गांधीनगर में अपने घर के बाहर खेल रही मासूम के साथ सामूहिक दुष्कर्म की हैवानियत में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना को लेकर जुवेनाइल की टीम गुरुवार को शेखपुरा पहुंची. टाउन थाना पुलिस की अगुआई में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच टीम शहर के अहियापुर निवासी आरोपी व स्वर्गीय दीनानाथ के पुत्र प्रदीप से जुड़े मामले की छानबीन की. दो सदस्यीय टीम के अधिकारियों ने उत्क्रमित मध्य विद्यालय अहियापुर पहुंचकर वहां दस्तावेजों की छानबीन की. इस मौके पर विद्यालय की एचएम शबाना अंजुम ने बताया कि दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना का प्रदीप आरोपी है.
इस मामले में घटना के समय आरोपी के बालिग और नाबालिग होने के तथ्यों को जुटाया जा रहा. इसी कड़ी में आरोपी के नामांकन पंजी के साथ-साथ अन्य संबंधित दस्तावेजों की छायाप्रति वह अपने साथ ले गये. इस क्रम में टीम ने एचएम से घंटो बातचीत की. इस दौरान टीम ने आरोपी की मां मीना देवी से पूछताछ कर कई जानकारी इकट्ठा किये.
सुनवाई के दौरान दिया गया निर्देश : इस मामले में कड़कड़डूमा के कोर्ट में चल रहे मामले की सुनवाई 22 फरवरी 2018 को की गई थी. सुनवाई में आरोपी के उम्र संबंधित दस्तावेज का सत्यापन करने का निर्देश दिया गया था. इसी निर्देश के आलोक में गुरुवार को दो दिवसीय दौरे पर शेखपुरा पहुंचे. जुवेनाइल टीम के अधिकारियों ने आरोपी के विद्यालय से दस्तावेजों का सत्यापन किया.
क्या है पूरा मामला
15 अप्रैल वर्ष 2013 को दिल्ली के गांधीनगर में घर के बाहर खेल रही एक बालिका के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया था. इस घटना के बाद पीड़िता के प्राइवेट पार्ट में मोमबत्ती और बोतल भी डाल दिए गए थे. हैवानियत के इस खेल में पीड़िता को मरा हुआ समझकर आरोपी फरार हो गए थे. इस घटना में गांधीनगर थाने में कांड संख्या 146/13 दर्ज कराया था. जिसमें शेखपुरा निवासी प्रदीप और मुजफ्फरपुर निवासी मनोज साव के नाम सामने आए थे. पुलिस ने अनुसंधान के बाद न्यायालय में कई अहम दस्तावेज दाखिल किये थे. आरोपी प्रदीप के उम्र के सत्यापन की कार्रवाई की जा रही थी.
पुलिस द्वारा न्यालय में समर्पित दस्तावेजों में आरोपी प्रदीप के विद्यालय से जारी किया गया जन्म प्रमाण पत्र से संबंधित दस्तावेज भी था.
