Sheohar News: शिवहर. भारत के प्रथम उप राष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर शनिवार को जिला मुख्यालय स्थित ठाकुर रामानंदन सिंह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट कॉलेज) समेत अन्य शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षक दिवस उत्साह और सम्मान के साथ मनाया गया. इस अवसर पर पिछले एक वर्ष में सेवानिवृत्त हुए जिले के 51 शिक्षक-शिक्षिकाओं को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में शिक्षकों की भूमिका, शिक्षा की गुणवत्ता और समाज निर्माण में उनके योगदान पर चर्चा हुई.
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी डीएम सह डीडीसी संजय कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष विजय कुमार सिंह उर्फ छोटा विजय और जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गा प्रसाद यादव समेत अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यक्रम का आयोजन बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष सुरेंद्र चंद्र, सचिव दिलीप कुमार, जिला प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष मोहम्मद जमीरुद्दीन, प्रधान महासचिव शंकर सिंह और परिवर्तनकारी प्रारंभिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष मनोज कुमार यादव के सहयोग से किया गया.
शिक्षक समाज में रखते हैं अलग स्थान
प्रभारी डीएम सह डीडीसी संजय कुमार ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और उनके शैक्षिक योगदान पर प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज में सम्मानित व्यक्ति होते हैं और उनका अलग स्थान है. किसी भी व्यक्ति के जीवन की शुरुआत में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने शिक्षकों से अपने आचरण और व्यवहार को बेहतर रखते हुए शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने की अपील की.
शिक्षक ही समाज के असली निर्माता
जिला परिषद अध्यक्ष विजय कुमार सिंह उर्फ छोटा विजय ने कहा कि वह खुद किसान परिवार से आते हैं और उनके जीवन में गुरु का बड़ा योगदान रहा है. इसलिए वह हर शिक्षक का दिल से सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज के असली निर्माता हैं. डॉक्टर, इंजीनियर, आइएएस और नेता समेत हर क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों के निर्माण में शिक्षक की भूमिका होती है.
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षकों की भूमिका और भी बढ़ गयी है. शिक्षकों को बच्चों को किताबी ज्ञान देने के साथ उनमें संस्कार, नैतिकता और देशभक्ति की भावना विकसित करने पर भी ध्यान देना चाहिए.
शिक्षक की कलम से तैयार होता है देश का भविष्य
नगर सभापति राजन नंदन सिंह ने कहा कि शिक्षक के बिना आदर्श नगर की कल्पना अधूरी है. शहर को स्वच्छ, सुंदर और शिक्षित बनाने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है.
वहीं जिला शिक्षा पदाधिकारी दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि शिक्षक केवल नौकरी नहीं करते, बल्कि राष्ट्र का भविष्य गढ़ते हैं. एक शिक्षक की कलम से ही डॉक्टर, इंजीनियर, कलेक्टर और नेता तैयार होते हैं.
शिक्षक बनना नौकरी नहीं, तपस्या है
डायट कॉलेज की प्राचार्या शशिकला निषाद ने कहा कि शिक्षक बनना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि तपस्या है. शिक्षक मोमबत्ती की तरह खुद जलकर दूसरों के जीवन में रोशनी फैलाता है. उन्होंने शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण बताया.
कार्यक्रम में सामाजिक कार्यकर्ता सह पूर्व जिला परिषद सदस्य अजब लाल चौधरी, पेंशनर समाज जिला शाखा शिवहर के सभापति सुरेंद्र झा एवं सचिव राम पदार्थ सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक नागेंद्र साह सहित कई शिक्षक और नवनियुक्त शिक्षक मौजूद रहे.
