Sheohar News: शिवहर के तरियानी छपरा गांव में रविवार को शहादत दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया. अंग्रेजों के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए गांव के 11 वीर सपूतों को याद करते हुए शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई. जिला पदाधिकारी प्रतिभा रानी और पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद कर नई पीढ़ी को उनके संघर्ष से प्रेरणा लेने का संदेश दिया गया.
शहीद स्मारक पर फहराया गया तिरंगा
कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर ध्वजारोहण के साथ हुई. स्वतंत्रता सेनानी की पत्नी मनिका देवी ने स्मारक पर तिरंगा फहराया. इसके बाद डीएम प्रतिभा रानी, एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह समेत उपस्थित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने शहीदों के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
11 वीर सपूतों के बलिदान को किया याद
शहादत दिवस के दौरान अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ स्वतंत्रता संग्राम में गांव के 11 वीर सपूतों के योगदान और बलिदान को याद किया गया. ग्रामीणों ने कहा कि इन शहीदों का संघर्ष और देश के लिए दिया गया बलिदान तरियानी छपरा की पहचान और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है.
डीएम ने तरियानी छपरा को बताया क्रांतिकारी गांव
सभा को संबोधित करते हुए डीएम प्रतिभा रानी ने तरियानी छपरा को क्रांतिकारी गांव बताया. उन्होंने कहा कि गांव के शहीदों का बलिदान देश की स्वतंत्रता की गौरवशाली विरासत का हिस्सा है. उन्होंने शहीद स्मारक के विकास के साथ गांव की अन्य समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया.
डीएम ने गांव के अस्पताल में डॉक्टरों की कमी सहित स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल करने की बात कही.
एसपी ने शहीदों की विरासत को बताया प्रेरणास्रोत
एसपी शैलेंद्र कुमार सिंह ने शहादत दिवस के आयोजन के लिए ग्रामीणों को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों की गौरवशाली विरासत हमेशा याद रखी जाएगी. उन्होंने गांव में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया.
शहीदों के परिजन और सैकड़ों ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व मुखिया श्याम बाबू सिंह ने की, जबकि संचालन राइडर राकेश ने किया. मौके पर एसडीओ अनंत कुमार, बीडीओ प्रभात रंजन, डीपीआरओ अहमद अब्दाली, थानाध्यक्ष रंजीत गुप्ता समेत अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शहीदों के परिजन और सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे.
