Sheohar News: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शिवहर जिले में 1 से 5 जून तक चलने वाले ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ एवं ‘वाटर फॉर पीपल’ के तहत ‘स्वच्छ गांव, सुरक्षित जलवायु’ अभियान का आगाज हो गया है. इस सिलसिले में सोमवार को जिलाधिकारी (डीएम) प्रतिभा रानी की अध्यक्षता में समाहरणालय के संवाद कक्ष में एक महत्वपूर्ण बैठक-सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यशाला ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली और माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के आलोक में आयोजित की गई थी.
कचरे से धन उपार्जन
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाना है. कार्यशाला में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ‘4R सिद्धांत’ (इंकार, कम, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण) और धूसर जल (ग्रे वॉटर) प्रबंधन के लिए ‘3 सिद्धांत’ (कम, पुनः उपयोग, पुनर्भरण) पर विशेष बल दिया गया. सरकार का लक्ष्य समुदाय के सहयोग से चक्रीय अर्थव्यवस्था (सर्कुलर इकोनॉमी) को बढ़ावा देना और कचरे से धन उपार्जन करना है.
स्वच्छता केवल सरकारी योजना नहीं, जीवनशैली है: डीएम प्रतिभा रानी
बैठक को संबोधित करते हुए डीएम प्रतिभा रानी ने कहा कि स्वच्छता हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है. उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “स्वच्छता सिर्फ सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजना नहीं है. जब तक हम इसे अपनी जीवनशैली में नहीं अपनाएंगे, तब तक समाज और गांवों में वास्तविक बदलाव आना असंभव है.” डीएम ने निर्देश दिया कि आगामी पांच दिनों तक सभी प्रखंडों की ग्राम पंचायतों के मुखिया, पंचायत सचिव और स्वच्छता पर्यवेक्षकों को जोड़कर व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि बच्चे और ग्रामीण स्वस्थ रह सकें.
वैज्ञानिक तरीके से कचरा निस्तारण पर एसडीएम का ज़ोर
कार्यशाला में मौजूद एसडीएम अविनाश कुणाल ने कचरा प्रोसेसिंग पर ज़ोर देते हुए कहा कि कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण और घरों में ही गीले-सूखे कचरे को अलग करना बेहद जरूरी है. इससे गांवों और शहरों को स्वच्छ रखने में मदद मिलेगी. इस मौके पर ओएसडी संदीप कुमार, पिपराही बीडीओ आदित्य सौरभ, डुमरी कटसरी बीडीओ अरुण कुमार सिंह, शिवहर बीडीओ मोहम्मद राहिल, जिला जल एवं स्वच्छता समिति के समन्वयक विद्यानंद और वाटर फॉर पीपुल के जिला सहयोग विशेषज्ञ आशीष कुमार समेत कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे.
शिवहर से मनीष नंदन सिंह की रिपोर्ट
