Sheohar News: शिवहर जिला व्यवहार न्यायालय के अनन्य विशेष न्यायाधीश पॉक्सो (POCSO) की अदालत ने शुक्रवार को एक गंभीर मामले में त्वरित सुनवाई करते हुए दुष्कर्म के दोषी को कड़ी सजा सुनाई है. अदालत ने अभियुक्त को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा देने के साथ ही 10 हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना (अर्थदंड) भी लगाया है. यह महत्वपूर्ण जानकारी पॉक्सो के विशेष लोक अभियोजक राजेश्वर कुमार ने दी है.
मेला देखने जा रही 14 वर्षीय नाबालिग को बनाया था शिकार
विशेष लोक अभियोजक राजेश्वर कुमार ने मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि यह घटना वर्ष 2024 की है. तब एक 14 वर्षीय नाबालिग पीड़िता अपने घर से मेला देखने के लिए बसंतपट्टी चौक जा रही थी. इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे अभियुक्त बिट्टू कुमार ने जबरन उसका हाथ पकड़ लिया. आरोपी पीड़िता को घसीटते हुए सरेह के एक सुनसान आम के बगीचे में ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म की घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था.
पॉक्सो कोर्ट ने सभी धाराओं में एक साथ सजा काटने का दिया आदेश
इस अमानवीय कृत्य को लेकर पुरनहिया थाना में कांड संख्या 66/2024 दर्ज कराई गई थी. मामले की निरंतर सुनवाई करते हुए अनन्य विशेष न्यायाधीश पॉक्सो दीपांजन मिश्रा ने दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्य देखने के बाद बसंतपट्टी निवासी अभियुक्त बिट्टू कुमार को दोषी करार दिया. अदालत ने कानून की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत उसे 10 वर्ष की जेल और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई. जज ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि दोषी को अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजाएं दी गई हैं, जो सभी एक साथ जेल में चलेंगी.
