शिवहर: मजदूरी कर बेटों ने भेजे थे पैसे, आग की लपटों में स्वाहा हो गए 50 हजार रुपये कैश

Sheohar News: शिवहर के पिपराही प्रखंड के हरकरवा गांव में आधी रात को विश्वनाथ सहनी का घर जलकर राख. 50 हजार कैश और अनाज नष्ट, मुखिया आलोक कुमार ने प्रशासन से की मुआवजे की मांग. जानिए खबर विस्तार से…

Sheohar News: जिले के पिपराही प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत अंबा उत्तरी पंचायत के हरकरवा गांव में मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात एक अत्यंत दर्दनाक और भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है. प्रखंड क्षेत्र के हरकरवा वार्ड नंबर आठ निवासी एक अत्यंत गरीब और लाचार वृद्ध विश्वनाथ सहनी का आशियाना अचानक लगी आग की विनाशकारी लपटों में विलीन हो गया. मध्य रात्रि को हुए इस भयानक हादसे में घर के भीतर रखे तमाम जरूरी कपड़े, बर्तन, सालभर का खाद्यान्न (अनाज) और खून-पसीने की कमाई के रखे 50 हजार रुपये नकद (कैश) जलकर पूरी तरह खाक हो गए. इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

रात में अचानक उठीं आग की लपटें

स्थानीय मुखिया आलोक कुमार और वार्ड नंबर आठ के वार्ड सदस्य सुखारी साह ने घटना की चश्मदीद और तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि हादसा मंगलवार की रात करीब 12:00 बजे (आधी रात) का है. जब पूरा परिवार और गांव के लोग गहरी नींद में सो रहे थे, तभी अचानक विश्वनाथ सहनी के फुस और एस्बेस्टस वाले घर से धुएं के साथ आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठने लगीं. घर से उठती लपटों को देखकर पीड़ित परिवार की आंखें खुलीं और उन्होंने चीख-पुकार मचानी शुरू की.

मची चीख-पुकार

गंभीर और भीषण रूप इख्तियार कर चुकी आग ने देखते ही देखते पूरे घर को अपने आगोश में ले लिया. धमाकों और लपटों की आवाज सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण नींद से जागे और बाल्टी-पंपसेट लेकर मौके की ओर दौड़े. जब तक आग पर काबू पाने की कोई संगठित कोशिश शुरू की जा सकती, तब तक आग की विभीषिका ने सब कुछ जलाकर नष्ट कर दिया था. अंत में दर्जनों ग्रामीणों की भारी मुस्तैदी और जल रहे मलबे पर पानी पाटने (छिड़कने) के बाद किसी तरह आग को बुझाया जा सका, जिससे आस-पास के अन्य घर जलने से बच गए.

पंजाब में मजदूरी करते हैं दोनों बेटे

इस घटना ने एक अत्यंत गरीब और मजदूर परिवार को दाने-दाने के लिए मोहताज कर दिया है. रोते-बिलखते पीड़ित विश्वनाथ सहनी ने बताया कि उनका पूरा परिवार मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह अपना पेट पालता है. उनके दो बेटे घर की तंगहाली दूर करने के लिए सुदूर पंजाब राज्य में हाड़-तोड़ मेहनत और मजदूरी का काम करते हैं.

बेटों द्वारा पंजाब से भेजी गई मजदूरी के पैसों में से एक-एक पाई जोड़कर घर के जरूरी कार्यों और भविष्य के लिए 50 हजार रुपये नकद घर में संभालकर रखे गए थे, जो पल भर में जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गए. अनाज और कपड़े जल जाने के कारण अब पीड़ित परिवार के सामने खाने और बदन ढकने का भी कड़ा संकट खड़ा हो गया है.

आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं

मुखिया आलोक कुमार ने बताया कि घटना की लिखित और मौखिक सूचना स्थानीय अंचलाधिकारी (CO), थाना प्रशासन और प्रखंड विकास पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से दे दी गई है. रात की घटना होने और शॉर्ट सर्किट या चिंगारी का कोई स्पष्ट साक्ष्य न मिलने के कारण आग लगने का सही और प्राथमिक कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है, जो कि स्थानीय प्रशासन के लिए जांच का विषय है.

प्रशासन से मुआवजे की गुहार

वार्ड सदस्य और मुखिया ने पीड़ित परिवार की अत्यंत दयनीय स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और अंचलाधिकारी से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से आपदा प्रबंधन विभाग के तहत मिलने वाली सरकारी सहायता राशि, तिरपाल (पॉलीथिन शीट), सूखा राशन और आपदा राहत कोष से उचित मुआवजा राशि पीड़ित विश्वनाथ सहनी को उपलब्ध कराई जाए ताकि वे इस महा-संकट की घड़ी से उबर सकें.

शिवहर के पिपराही से मकसूद आलम की रिपोर्ट

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Published by: Purushottam Kumar

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