शिवहर से मनीष नंदन सिंह की रिपोर्ट
Sheohar News: प्रखंड क्षेत्र के हरनाही गांव में मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र और आत्मा के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस विशेष कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के करीब 40 प्रगतिशील किसानों ने मृदा स्वास्थ्य संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का सामूहिक संकल्प लिया.
रासायनिक खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल से घट रही उर्वरा शक्ति
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विषय वस्तु विशेषज्ञ डॉ.सौरभ शंकर पटेल ने किसानों को मिट्टी के गिरते स्वास्थ्य के प्रति सचेत किया. उन्होंने कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के अंधाधुंध इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरा शक्ति लगातार घट रही है, जो भविष्य के लिए चिंताजनक है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी जांच (सॉइल टेस्ट) की रिपोर्ट के आधार पर ही संतुलित मात्रा में खाद डालें और जैविक खेती को अपनी आदत बनाएं.
स्वस्थ मिट्टी ही समृद्ध और मुनाफे वाली खेती का आधार
वहीं दूसरी ओर, आत्मा के बीटीएम शिव कुमार ने किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ मिट्टी ही समृद्ध और टिकाऊ खेती का असली आधार है. उन्होंने किसानों को वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) और हरी खाद का उपयोग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया. इस मौके पर उपस्थित किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाने और रसायनों का उपयोग कम करने की बात कही.
