Sheohar News: शिवहर. संभावित आपदा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग के मंत्री रत्नेश सदा ने शनिवार को जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण किया. उन्होंने बेलवा डैम, पिपराही पुल, डुबा घाट सहित अन्य स्थानों पर पहुंचकर जलस्तर, वर्तमान स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों की जानकारी ली. इस दौरान मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को सतर्कता बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत-बचाव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
बेलवा डैम से डुबा घाट तक मंत्री ने लिया जायजा
मंत्री रत्नेश सदा ने निरीक्षण के क्रम में बेलवा डैम, पिपराही पुल और डुबा घाट समेत कई महत्वपूर्ण स्थलों का जायजा लिया. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से इन क्षेत्रों की वर्तमान स्थिति और संभावित आपदा को लेकर तैयारियों की जानकारी प्राप्त की.
अधिकारियों ने मंत्री को विभिन्न स्थलों की स्थिति और अब तक की गई तैयारियों से अवगत कराया.
संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी का निर्देश
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि संभावित आपदा की स्थिति में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने स्थानीय स्तर पर सभी आवश्यक तैयारियां पहले से पूरी रखने और स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
राहत और बचाव कार्य के लिए तैयार रहने की हिदायत
मंत्री रत्नेश सदा ने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रशासन की तत्परता और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया.
उन्होंने आम लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया.
अधिकारियों ने मंत्री को दी तैयारियों की जानकारी
निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता मेघावी, अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. अनंत कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी अंजनी कुमार, अंचल अधिकारी इंदु श्रीवास्तव समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे.
अधिकारियों ने मंत्री को जिले में संभावित आपदा से निपटने के लिए की गई तैयारियों और संवेदनशील स्थलों की स्थिति की जानकारी दी.
आपदा प्रबंधन में समन्वय पर दिया जोर
मंत्री ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय स्तर के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है. उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और किसी भी स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने की हिदायत दी.
